जादवपुर यूनिवर्सिटी के बाद अब सरेआम देशविरोधी स्लोगन
कोलकाता। गरिया इलाके में एक बार फिर 'आज़ाद कश्मीर' लिखे नारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने एक आवासीय परिसर की दीवार पर यह नारा लिखा देखा। नारे को देखने के बाद हड़कंप मच गया। इससे पहले जादवपुर विश्वविद्यालय के 3 नंबर गेट के करीब भी 'आज़ाद कश्मीर' और 'स्वतंत्र फिलिस्तीन' जैसे नारे लिखे गए थे, जिनके नीचे वामपंथी छात्र संगठन पीडीएसएफ का नाम था। उस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय तक को रिपोर्ट देनी पड़ी थी। अब गरिया में ठीक वैसी ही घटना सामने आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दीवार पर लिखे 'आज़ाद कश्मीर' के नारे काफी देर तक वैसे ही नजर आए। बाद में किसी ने उस पर काले रंग से पुताई कर दी। हालांकि, इस घटना की तस्वीरें और जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद माहौल गरमा गया है। जादवपुर और गरिया बार-बार बंगाल में सार्वजनिक स्थानों पर देशविरोधी नारे सामने आना चिंता का विषय बन गया है। राजनीतिक दलों का मानना है कि यह भारत की एकता और अखंडता पर हमला है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दीवार पर नारा किसने लिखा। इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश की एकता और संवेदनशील मुद्दों पर इस तरह की दीवार लेखन समाज को भड़काने का काम करती है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकता है। गरिया में 'आज़ाद कश्मीर' नारे की घटना ने एक बार फिर बंगाल की दीवारों पर लिखे संदेशों को चर्चा में ला दिया है। प्रशासन के लिए यह एक चुनौती है कि ऐसे घटनाओं को रोका जाए और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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