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जंयत सिंह के व्हाइट हाउस प्रकरण में हाईकोर्ट की फटकार, 6 हफ्ते में कार्रवाई का निर्देश
कोलकाता, 25 जून। हाईकोर्ट ने कामारहाटी के बाहुबली जो वर्तमान में जेल में कैद हैं उसके बहुचर्चित 'व्हाइट हाउस' नामक अवैध निर्माण को लेकर कामारहाटी नगरपालिका को जमकर फटकार लगाई है। बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति गौरांग कांतो दास ने नगरपालिका के रवैये पर नाराजग़ी जाहिर करते हुए पूछा कि क्या आपके कमिश्नर को अंग्रेज़ी आती है?
न्यायमूर्ति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि नगर निगम के कमिश्नर हाईकोर्ट के आदेश को समझ नहीं पा रहे या उसे लागू करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें उस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। दरअसल कमरहाटी के जयंत सिंह द्वारा बनाए गए चार मंजि़ला अवैध निर्माण को तोडऩे के लिए नगरपालिका ने 29 मई को एक नोटिस जारी किया था। लेकिन हाईकोर्ट ने उस नोटिस को खारिज कर नया निर्देश दिया इमारत के अन्य निवासियों से बात किए बिना किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसके बाद भी नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
सुनवाई के दौरान जज ने नगर निगम के वकील से पूछा, आदेश में क्या लिखा है, ज़ोर से पढि़ए। कौन-सी बात समझने लायक नहीं है? मैंने तो पहले ही अवैध निर्माण को तोडऩे का निर्देश दिया था, फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? न्यायमूर्ति दास ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कमिश्नर आदेश लागू नहीं कर सकते तो उन्हें उस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं कोई सुझाव देने की स्थिति में नहीं हूं, मैंने आदेश दिया है। अब यह नगर पालिका तय करे कि आदेश का पालन न करके वे कैसे काम करेंगे। कोर्ट ने साफ-साफ आदेश दिया है कि राज्य नगरपालिका अधिनियम, 1993 की धारा 218 के तहत कामारहाटी नगरपालिका को इस अवैध निर्माण के खिलाफ 6 हफ्ते के भीतर कार्रवाई करनी होगी। 'व्हाइट हाउसÓ नाम से चर्चित इस अवैध निर्माण को लेकर लंबे समय से इलाके में विवाद चल रहा है।
नगर निगम की अनदेखी, राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल उठते रहे हैं। अब हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद जगी है। यह मामला सिर्फ एक अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक आदेशों की अवहेलना का प्रतीक बन चुका है।