तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया
संगीत सिंडिकेट के खिलाफ शुभेंदु के दरबार में पहुंचीं दो मशहूर गायिका
कोलकाता। सांस्कृतिक और राजनीतिक हलकों में उस समय खलबली मच गई, जब राज्य की दो जानी-मानी गायिकाएं ऋद्धि बंद्योपाध्याय और दोला बंद्योपाध्याय सीधे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दरबार में जा पहुंचीं। मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंचकर दोनों कलाकारों ने पूर्व मंत्री और गायक इंद्रनील सेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कलाकारों ने संगीत जगत में पैर पसार चुके कथित भ्रष्टाचार, लॉबी संस्कृति और भाई-भतीजावाद को लेकर मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिससे बंगाल के कला जगत में हड़कंप मच गया है।
मीडिया से रूबरू होते हुए ऋद्धि बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाया कि इंद्रनील सेन के कार्यकाल के दौरान संगीत जगत में बाकायदा एक सिंडिकेट राज चलाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ से लेकर कनिष्ठ कलाकारों का एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसके जरिए केवल पसंदीदा लोगों को ही सरकारी कार्यक्रमों और वित्तीय अवसरों की सौगात बांटी जाती थी। ऋद्धि का आरोप है कि इस काली कमाई के खेल में कुछ सरकारी अधिकारी भी शामिल थे और जिन्होंने भी इस तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने की जुर्रत की, उन्हें संगीत की दुनिया से ही गायब कर दिया गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हममें से कुछ योग्य कलाकार पिछले 12 से 18 साल तक व्यावहारिक रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।
गायिकाओं ने इस सिंडिकेट के काम करने के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए कटमनी के खेल पर से भी पर्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जूनियर कलाकारों को लगातार सात से दस सरकारी शो दिए जाते थे, लेकिन भुगतान मिलने के बाद उन्हें अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा वापस लौटाना पड़ता था। ऋद्धि ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग लगातार खुशामद करते थे, महंगे उपहार देते थे, समय देते थे और साथ निभाते थे, केवल उन्हें ही तरजीह दी जाती थी।
उन्होंने साफ किया कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत लाभ या पद के लिए नहीं है, बल्कि वे संगीत जगत को इस सेटिंग और कटमनी के जाल से मुक्त कराकर वंचित कलाकारों को न्याय दिलाना चाहती हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर जब पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से बात की गई तो उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसी ओछी बातों पर टिप्पणी करना उनकी रुचि और संस्कारों के खिलाफ है। फिलहाल मामले की सच्चाई जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।