तारातला हादसे में पूर्व मेयर फिरहाद एवं दो पार्षदों के नाम शिकायत दर्ज; मरने वालों की संख्या हुई 17
हालांकि विपक्ष इन योजनाओं पर सवाल उठा रहा है, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
कोलकाता। सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार ने अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य में जल्द ही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' परियोजना को पूरी तरह लागू करने की तैयारी है। पशु संसाधन विकास और पंचायत मामलों के मंत्री दिलीप घोष ने गोशाला मालिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद इसके स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से राज्य में गौपालन को बढ़ावा दिया जाएगा, डेयरी उद्योग को आधुनिक बनाया जाएगा और आम जनता को बेहद सस्ती दरों पर शुद्ध दूध व दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य की सीमाओं से होने वाली कथित पशु तस्करी और अवैध गौ-हत्या पर पूरी सख्ती के साथ रोक लगाई जाएगी। इस बैठक में पशु संसाधन विकास राजेश सिन्हा ने कहा कि गौकशी पर सख्ती के कारण बड़ी संख्या में गाय विक्रेता परेशान है। हमने गौशाला प्रबंधनों से अनुरोध किया है कि वे कुछ गायों को अपने यहां शरण दे। बैठक में पिंजरापोल सोसाइटी, ध्यान फाउंडेशन सहित कोलकाता एवं आसपास के जिले के कई गौशाला संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे। पिंजरापोल सोसाइटी की तरफ से पवन टिबड़ेवाल, कालाजी विनोद, ललितजी, प्रकाश केडिया बैठक में उपस्थित थे।
पवन टिबड़ेवाल ने बताया कि हमने सरकार के सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में गायों को रखना हमारे लिए भी संभव नहीं है, क्योंकि हम मैन पावर की कमी झेल रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में पशु तस्करी रोकने और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए डेयरी उद्योग को एक मजबूत आर्थिक व राजनीतिक हथियार बना रही है। हालांकि विपक्ष इन योजनाओं पर सवाल उठा रहा है, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।