Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
तृणमूल के तीन बैंक खातों पर रोक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बैंक से हलफनामा और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब Sudhir wins historic बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहरा निम्न दबाव, चार से आठ जुलाई तक दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी Sudhir wins historic विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic बंगाल में फिर गहराया बारिश का खतरा, सप्ताहांत में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी Sudhir wins historic भड़काऊ बयान मामले में दो थानों से तलब किए जाने पर बोले हुमायूं कबीर — 'गिरफ्तार करना है तो कर लें, परवाह नहीं' Sudhir wins historic अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट Sudhir wins historic रामनवमी हिंसा मामले में अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली गिरफ्तार Sudhir wins historic केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा Sudhir wins historic मुख्यमंत्री की चेतावनी के 12 घंटे के भीतर कार्रवाई, हुमायूं कबीर की सभा के तीन आयोजक गिरफ्तार Sudhir wins historic प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic

'गोल्डन गर्ल' स्वप्ना बर्मन की उम्मीदवारी पर कानूनी संकट

रेलवे की नौकरी और इस्तीफे के फेर में फंसीं स्टार एथलीट

27 Mar 2026

'गोल्डन गर्ल' स्वप्ना बर्मन की उम्मीदवारी पर कानूनी संकट

कोलकाता। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाली हेप्टाथलॉन क्वीन स्वप्ना बर्मन के लिए राजनीति के मैदान की पहली बाधा काफी कठिन साबित हो रही है। तृणमूल कांग्रेस द्वारा राजगंज विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद स्वप्ना अब अपनी रेलवे की नौकरी और सरकारी सेवा नियमों के जटिल कानूनी जाल में उलझ गई हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच में चल रही इस कानूनी लड़ाई पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसी फैसले से तय होगा कि स्वप्ना चुनावी मैदान में उतर पाएंगी या नहीं। स्वप्ना बर्मन उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन में कार्यरत हैं। 
नियमानुसार, किसी भी सरकारी कर्मचारी को चुनाव लडऩे से पहले अपने पद से इस्तीफा देना होता है और उसका विधिवत स्वीकार होना अनिवार्य है। स्वप्ना ने 16 मार्च को अपना इस्तीफा सौंपा था, लेकिन रेलवे ने इसे अब तक स्वीकार नहीं किया है। पेच तब और फंस गया जब यह सामने आया कि रेलवे ने 9 मार्च को ही उनके खिलाफ एक विभागीय जांच शुरू कर दी थी। आरोप है कि सरकारी सेवा में रहते हुए स्वप्ना ने राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जो सर्विस रूल का उल्लंघन है। मामले की सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुदीप्त मजूमदार ने रेलवे का पक्ष रखते हुए कहा कि यदि स्वप्ना अपनी गलती स्वीकार करती हैं और भविष्य में किसी भी प्रकार के सेवानिवृत्ति लाभ का दावा न करने का लिखित आश्वासन देती हैं, तभी उनके इस्तीफे पर विचार किया जा सकता है। स्वप्ना के वकील निलय चक्रवर्ती के अनुसार, अदालत के निर्देशानुसार संशोधित पत्र ईमेल और हार्ड कॉपी के जरिए रेलवे को भेज दिया गया है। हालांकि, पत्र की भाषा और तकनीकी बारीकियों को लेकर रेलवे और स्वप्ना के बीच अब भी खींचतान जारी है। कानूनी चुनौतियों के बीच स्वप्ना बर्मन व्यक्तिगत तौर पर भी कठिन समय से गुजर रही हैं। हाल ही में उनके पिता के निधन के कारण वे कुछ समय के लिए चुनाव प्रचार से दूर रही थीं। शोक की इस घड़ी में कानूनी अड़चनों ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। राजगंज के स्थानीय तृणमूल नेतृत्व में भी इस असमंजस को लेकर चिंता है। अगर नामांकन की अंतिम तिथि तक इस्तीफा स्वीकार नहीं होता है, तो पार्टी को आखिरी वक्त पर विकल्प तलाशना पड़ सकता है। खेल के मैदान में सात अलग-अलग स्पर्धाओं वाली हेप्टाथलॉन की चुनौतियों को मात देने वाली स्वप्ना के लिए यह सियासी हेप्टाथलॉन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। खेल प्रेमियों और राजगंज के मतदाताओं को अब कोर्ट के अगले रुख और रेलवे के अंतिम फैसले का इंतजार है। क्या गोल्डन गर्ल इस कानूनी बाधा को पार कर लोकतंत्र के उत्सव में शामिल हो पाएंगी, यह आने वाले कुछ घंटे साफ कर देंगे। 

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


'गोल्डन गर्ल' स्वप्ना बर्मन की उम्मीदवारी पर कानूनी संकट
रेलवे की नौकरी और इस्तीफे के फेर में फंसीं स्टार एथलीट





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News