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अभिषेक ने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही भाजपा बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है
कोलकाता। चुनावी रस्साकशी के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हुगली के सप्तग्राम से भाजपा के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। राज्य की लोकप्रिय लक्खी भंडार योजना को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अभिषेक ने भाजपा को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि यदि केंद्र में बैठी पार्टी तृणमूल जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं भाजपा शासित राज्यों में लागू कर दे, तो वे तत्काल राजनीति से संन्यास ले लेंगे। इस तीखे हमले के बाद हुगली समेत पूरे राज्य का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा द्वारा बंगाल की महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये देने के चुनावी वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे महज एक जुमला करार दिया। उन्होंने भाजपा के संकल्प पत्र की तुलना चिटफंड के पर्चे से करते हुए सवाल उठाया कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं और गरीबों की इतनी हितैषी है, तो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अब तक ऐसी योजनाएं क्यों नहीं लाई गईं?
अभिषेक ने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही भाजपा बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए अभिषेक ने कहा कि भाजपा पिछले 12 सालों से सत्ता में है, लेकिन वे आज तक यह नहीं बता सके कि उनके वादे के अनुसार कितने लोगों के बैंक खातों में पैसा पहुँचा। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अगर भाजपा यह साबित कर दे कि उन्होंने बंगाल के लोगों को सीधे तौर पर कोई आर्थिक लाभ पहुँचाया है, तो मैं आज से ही चुनाव प्रचार करना बंद कर दूंगा।
उन्होंने दावा किया कि बंगाल में ममता के नेतृत्व में जो भी विकास कार्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चल रही हैं, उनमें केंद्र का एक पैसा भी योगदान नहीं है। अभिषेक ने भाजपा पर 'विभाजन की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए मतदाताओं को आगाह किया कि विपक्ष केवल धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटकर सत्ता पाना चाहता है। उन्होंने कहा कि तृणमूल का आधार काम है, जबकि भाजपा का आधार केवल विवाद है। बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भाजपा ने चुनावी लाभ के लिए पैसे बांटे और बाद में उन्हें वापस लेने की कोशिश की, ऐसी राजनीति से बंगाल के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। सप्तग्राम की इस जनसभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तृणमूल अब भाजपा के हर चुनावी वादे का जवाब अपनी सफल योजनाओं और आक्रामक चुनौतियों से देने के लिए तैयार है।