Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
भवानीपुर चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली ममता की याचिका पर सुनवाई, हाई कोर्ट ने मतदान सामग्री सुरक्षित रखने का दिया निर्देश Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic

टोपी, मास्क और काले चश्मे में 'लापता' सायनी की कोलकाता वापसी

चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सायनी घोष सार्वजनिक जीवन और पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर हैं

11 Jun 2026

टोपी, मास्क और काले चश्मे में 'लापता' सायनी की कोलकाता वापसी

कोलकाता। तृणमूल की जादवपुर से लोकसभा सांसद सायनी घोष के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इसी बीच गुरुवार को दिल्ली से कोलकाता लौटते समय हवाई अड्डे पर उनका रहस्यमय अंदाज चर्चा का विषय बन गया। सिर पर टोपी, आंखों पर काला चश्मा और चेहरे पर मास्क लगाकर सायनी घोष नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकलीं और मीडिया के कैमरों से बचते हुए तेजी से रवाना हो गईं। उनके इस व्यवहार ने राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं को और हवा दे दी है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि वह तृणमूल के कथित असंतुष्ट या बागी खेमे के संपर्क में हैं।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सायनी घोष सार्वजनिक जीवन और पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर हैं। यहां तक कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दिल्ली दौरे पर थे, तब भी सायनी उनके साथ दिखाई नहीं दीं। हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें युवा तृणमूलके अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी, इसके बावजूद व्हाट्सएप समूहों से लेकर संगठन के भीतर उनके ठिकाने और राजनीतिक रुख पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि सायनी ने अपने करीबियों से कहा है कि उन्हें अब पार्टी में अपने भविष्य पर भरोसा नहीं रहा। असल में, चुनाव प्रचार के दौरान एक हमले की घटना के बाद अपेक्षित राजनीतिक समर्थन न मिलने और प्रचार कार्यक्रमों में कटौती किए जाने से वह नेतृत्व से नाराज चल रही हैं। राज्यसभा में सुखेंदुशेखर राय, सुष्मिता देव, प्रकाशचिक बराइक और कोयल मल्लिक के ताबड़तोड़ इस्तीफों से तृणमूल पहले ही बैकफुट पर है। ऐसे में सायनी घोष की रहस्यमयी चुप्पी और मीडिया से यह दूरी संकेत दे रही है कि पार्टी के भीतर अभी कोई और बड़ा भूचाल आना बाकी है। 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


टोपी, मास्क और काले चश्मे में 'लापता' सायनी की कोलकाता वापसी
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सायनी घोष सार्वजनिक जीवन और पार्टी कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर हैं





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News