दीदी संग सेल्फी खिंचवाओ, जीत का संदेश घर-घर पहुंचाओ
कोलकाता, 28 मार्च। बंगाल की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट भवानीपुर में चुनावी पारा सातवें आसमान पर है। इस बार मुकाबला सिर्फ नारों और रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल ने मतदाताओं का दिल जीतने के लिए डिजिटल और विजुअल कार्ड खेला है। पार्टी ने यहां फोटो पॉलिटिक्स की शुरुआत की है, जिसके तहत आम जनता को मुख्यमंत्री और उम्मीदवार ममता बनर्जी के साथ तस्वीर खिंचवाने का मौका दिया जा रहा है। यह अभिनव प्रयोग न केवल युवाओं को लुभा रहा है, बल्कि चुनाव प्रचार को एक उत्सव का रूप दे रहा है।
भवानीपुर में ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच पिछले पांच वर्षों से जारी सियासी रस्साकशी अब सीधे चुनावी मैदान में उतर आई है। इस कांटे की टक्कर को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 'जय हिंद वाहिनीÓ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के भाई कार्तिक बनर्जी की पहल पर निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विशेष फोटो बूथ या फोटो कॉर्नर स्थापित किए जा रहे हैं। इन बूथों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग ममता बनर्जी की आदमकद तस्वीर के साथ खड़े होकर फोटो खिंचवा सकें। इसके साथ ही विकास की निरंतरता और जोड़ाफूल को वोट देने की अपील वाले स्लोगन भी प्रमुखता से लगाए गए हैं।
इस अनोखे प्रयोग की शुरुआत वार्ड नंबर 73 के मुक्तदल मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय के सामने से हुई है। चार कोनों वाले इस आकर्षक फोटो बूथ में एक तरफ हाथ जोड़कर अभिवादन करती ममता बनर्जी की छवि है, तो दूसरी तरफ लोगों के लिए जगह छोड़ी गई है। ऊपर जय बांग्ला के नारों और पार्टी के चुनाव चिन्ह से सजे इस कॉर्नर ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया है। आमतौर पर ऐसे फोटो कॉर्नर बड़े कॉर्पोरेट इवेंट्स या शादियों में दिखते हैं, लेकिन बंगाल की राजनीति में चुनावी प्रचार का यह रंग पहली बार देखने को मिल रहा है। भवानीपुर को ममता बनर्जी का अभेद्य गढ़ माना जाता है, जहां से वह तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं। हालांकि, इस बार समीकरण थोड़े चुनौतीपूर्ण हैं। चुनाव आयोग की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से लगभग 47 हजार नाम हटे हैं, जबकि 14 हजार मतदाताओं की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में हर एक वोट की कीमत बढ़ गई है। खुद ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा था कि वह एक वोट के अंतर से भी जीत हासिल करेंगी, जो इस लड़ाई की गंभीरता को दर्शाता है। जीत का जिम्मा फिरहाद हकीम और सुब्रत बख्शी जैसे दिग्गजों के कंधों पर है, वहीं अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को 50 हजार वोटों के अंतर से जीत का लक्ष्य दिया है।
स्थानीय पार्षद कजरी बनर्जी का कहना है कि फोटो कॉर्नर को लेकर जनता में जबरदस्त उत्साह है। न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि वहां से गुजरने वाले लोग भी अपनी गाडिय़ों से उतरकर दीदी के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। पांच साल पहले नंदीग्राम के संग्राम में ऐसी रणनीति नहीं दिखी थी, लेकिन इस बार अपने घर भवानीपुर में तृणमूल कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी का मानना है कि यह फोटो प्रेम अंतत: पोलिंग बूथ पर वोटों की बारिश में तब्दील होगा।