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10 लाख के मुआवजे के साथ आजीवन पेंशन व बच्चो की शिक्षा का वादा
कोलकाता। आनंदपुर के नाजिराबाद में हुए हृदयविदारक अग्निकांड के बाद मलबे में तब्दील हुई 'वाउ मोमो' कंपनी ने अपने मृत और प्रभावित कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत की बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये के तात्कालिक मुआवजे और व्यापक सहायता पैकेज का ऐलान किया है। कंपनी ने साफ किया कि वह न केवल कानूनी बल्कि नैतिक आधार पर भी शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रसिद्ध फूड चेन कंपनी ने बताया कि रविवार देर रात करीब 3 बजे लगी इस आग ने उनके गोदाम और उत्पादन इकाई को पूरी तरह तबाह कर दिया।
शुरुआती जांच के हवाले से कंपनी ने अंदेशा जताया कि आग का उद्गम बगल के एक अन्य गोदाम से हुआ, जहां बिना किसी सुरक्षा मानकों के अवैध तरीके से खाना पकाने का काम चल रहा था। इस भयावह लपटों की चपेट में आकर कंपनी के दो स्थायी कर्मचारी और एक संविदा सुरक्षा गार्ड की असामयिक मृत्यु हो गई। कंपनी ने इन कर्मचारियों को अपना परिवार बताते हुए उनकी क्षति पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुआवजा पैकेज के तहत कंपनी ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं कि गयी हैं जिसके मुताबिक प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही मृत कर्मचारियों के परिवारों को उनकी आर्थिक स्थिरता के लिए आजीवन मासिक वेतन (पेंशन) का लाभ दिया जाएगा और साथ साथ पीडि़त परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा तक का पूरा खर्च अब कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वे पहले से ही पीडि़त परिवारों के सीधे संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव प्रशासनिक व कानूनी मदद मुहैया कराई जा रही है। साथ ही, कंपनी ने राज्य सरकार, दमकल विभाग और पुलिस की जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
बता दें कि इस अग्निकांड के बाद अब तक कुल 16 शव बरामद हो चुके हैं, और मलबे की तलाशी का काम अभी भी जारी है। 'वाउ मोमो' की ओर से की गई यह पहल उस समय सामने आई है जब राज्य सरकार ने भी मृतकों के लिए 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है।