इसी घटना की पृष्ठभूमि में सौमित्र खां ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए
कोलकाता। बर्धमान पहुंचते ही विष्णुपुर से भाजपा सांसद सौमित्र खां ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को बर्धमान रेलवे स्टेशन पर 'चाकरी चाय बांग्लाÓ (बंगाल नौकरी चाहता है) अभियान के तहत एक जॉब ड्रॉप बॉक्स स्थापित कर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बंगाल का युवा समाज अब एक ही नारा दे रहा है—'तृणमूल सरकार निपात जाकÓ। सौमित्र खां ने आरोप लगाया कि बर्धमान में एक विधायक और एक मंत्री ऐसे हैं, जो नौकरी घोटाले से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, और इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन ने उनका साथ दिया है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल सरकार ने बंगाल के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और अब इस राजनीति का अंत करीब है। भाजपा सांसद ने कहा कि युवाओं को नौकरी चाहिए, लेकिन तृणमूल सरकार ने युवाओं को भिखारी बना दिया है। उनका दावा है कि राज्य का छात्र और युवा वर्ग अब सीएम ममता को सत्ता में नहीं देखना चाहता।
सौमित्र खां ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए पांच लाख पोस्टर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर भेजे जाएंगे, ताकि युवाओं की आवाज सीधे उन तक पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुलिस को पुलिस का काम करना चाहिए। पूर्व बर्धमान जिला पुलिस के सहायक पुलिस अधीक्षक पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आप तो इतने कुशल जांच अधिकारी हैं कि तीन घंटे में ही सब कुछ जान गए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक गाड़ी से नकदी बरामदगी के मामले में सौमित्र खां के निजी सहायक हृदय पाल का नाम सामने आया था। इस संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी गई थी। इसी घटना की पृष्ठभूमि में सौमित्र खां ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
इसके अलावा शांतिनिकेतन में नोबेल पुरस्कार की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए सौमित्र खां ने कहा कि इस मामले की जांच की जिम्मेदारी भी उसी अधिकारी को दी जानी चाहिए, ऐसा तंज उन्होंने सहायक पुलिस अधीक्षक के उद्देश्य से किया। नौकरी के मुद्दे से लेकर प्रशासन की भूमिका तक—सोमवार को बर्धमान की राजनीति में भाजपा सांसद सौमित्र खां के बयानों ने हलचल मचा दी है। उनके इस कार्यक्रम और तीखे हमलों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।