ट्रक रोककर रिश्वत मांगने वाले दो अधिकारी निलंबित, सीएम शुभेंदु का कड़ा संदेश
कोलकाता। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ राज्य सरकार ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। पश्चिम बर्दवान जिले के रामपुर चेकपोस्ट पर मालवाहक ट्रक को रोककर कथित रूप से घूस मांगने और जबरन वसूली का प्रयास करने के गंभीर आरोपों में परिवहन विभाग के दो मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस बड़ी कार्रवाई की घोषणा करते हुए साफ शब्दों में संदेश दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार, अवैध उगाही या कारोबारियों का उत्पीडऩ किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
पूरा मामला झारखंड के एक मालवाहक ट्रक से जुड़ा है, जो सर्विसिंग के बाद गैराज लौट रहा था। रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात एमवीआई नाजिमुल हक और अनुपम बंद्योपाध्याय ने वाहन को रोककर कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। ट्रक मालिक दीपक सिंह और चालक शिवा यादव द्वारा घूस देने से मना करने पर अधिकारियों ने ट्रक को जब्त कर लिया और कर बकाया होने का हवाला देते हुए 22 हजार रुपये ऐंठने की कोशिश की। जाँच में सामने आया कि जिस टैक्स का बहाना बनाकर पैसे माँगे जा रहे थे, उसे राज्य सरकार काफी समय पहले ही समाप्त कर चुकी है। पीडि़त पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद परिवहन विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया और पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जाँच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को सौंप दी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने परिवहन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता लाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि अवैध रूप से रोके गए या जब्त किए गए सभी वाहनों को अविलंब मुक्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़कों पर गैर-कानूनी तरीके से वाहनों को रोककर चालकों और व्यवसायियों को परेशान करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व विभागीय कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार का यह कड़ा फैसला परिवहन क्षेत्र को माफियाराज और रिश्वतखोरी से मुक्त कराकर एक स्वच्छ और निवेशक-अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।