वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
लगातार रातभर हुई बारिश ने उत्तर बंगाल में भारी तबाही मचा दी है। तेज़ वर्षा के कारण हुए भीषण भूस्खलनों से कई जगहों पर जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया
लगातार रातभर हुई बारिश ने उत्तर बंगाल में भारी तबाही मचा दी है। तेज़ वर्षा के कारण हुए भीषण भूस्खलनों से कई जगहों पर जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया पोखरी इलाकों में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई है। दार्जिलिंग ज़िला पुलिस के नेतृत्व में चल रहे बचाव अभियानों के बीच यह संख्या अस्थायी बताई जा रही है और राहत दलों के प्रभावित इलाकों तक पहुँचने के साथ मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
भारी बारिश ने इलाके के कई अहम ढांचों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भूस्खलन की वजह से बंद है, जिससे यात्रियों और ज़रूरी सामानों की आवाजाही बाधित हो गई है। इसके अलावा, जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार जिलों में भी भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी भूस्खलन के कारण यातायात ठप है। एनएच-10 के कई हिस्से, विशेष रूप से चित्रे और सेल्फी दारा इलाकों में, बंद हैं। एनएच-717ए को साफ करने का काम जारी है, वहीं कोरोनेशन ब्रिज के बंद होने से दार्जिलिंग की पहाड़ियों से संपर्क भी टूट गया है। रबिजोरा और तीस्ता बाज़ार के पास बाढ़ जैसी स्थिति के कारण कालिम्पोंग से दार्जिलिंग जाने वाली सड़क भी बंद कर दी गई है। पुलिस ने यात्रियों को लावा-गोरुबथान मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
मौसम की विकट स्थिति को देखते हुए गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) ने दार्जिलिंग के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इनमें प्रसिद्ध टाइगर हिल और रॉक गार्डन जैसे स्थान शामिल हैं। इसके साथ ही ऐतिहासिक दार्जिलिंग टॉय ट्रेन की सभी सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जब तक कि हालात सामान्य नहीं हो जाते।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस संकट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग ने पहले सिक्किम के सभी छह जिलों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में ऑरेंज अलर्ट में बदला गया। अधिकारियों ने भूटान क्षेत्र की स्थिति पर भी कड़ी निगरानी रखी है, क्योंकि उत्तर बंगाल के निचले इलाकों में भूटान से आने वाली बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।