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पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले में एक घर से गुजरात के 5 लोगों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले में एक घर से गुजरात के 5 लोगों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों को कनाडा भेजने का झांसा देकर उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। यह परिवार कोलकाता से करीब 50 किलोमीटर दूर कल्याणी इलाके के एक घर में अवैध रूप से बंद रखा गया था।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों की पहचान योगेश कुमार दाभी, उनकी पत्नी काजलबेन, उनका बेटा, दो बेटियां और योगेश के चचेरे भाई के रूप में हुई है। यह लोग कनाडा जाने के लिए दस्तावेज़ बनवाने के सिलसिले में कोलकाता पहुंचे थे और एक ट्रैवल एजेंसी के संपर्क में थे। एजेंसी ने उन्हें पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेज़ दिलाने का आश्वासन दिया था। शुरुआत में यह परिवार कोलकाता एयरपोर्ट के पास एक होटल में रुका हुआ था।
26 जून को इन्हें होटल से लेक टेरेस रोड स्थित एक घर में शिफ्ट कर दिया गया। 3 जुलाई को यह लोग अपने संपर्क व्यक्ति विशाल पटेल को बताए बिना एयरपोर्ट के लिए निकल गए। इसके बाद विशाल पटेल ने रवीन्द्र सरोवर थाने में शिकायत दर्ज कराई। विशाल ने बताया कि योगेश ने उससे व्हाट्सएप कॉल पर कहा था कि उन्हें बोर्डिंग पास मिल गया है, लेकिन उन्होंने गंतव्य नहीं बताया। इसके बाद परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस जांच के बाद सभी 5 लोगों को कल्याणी स्थित आरोपी समीर दास के घर से बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़ितों से फर्जी पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज़ के नाम पर 15 लाख रुपये मांगे और जब उन्होंने देने से इनकार किया तो उन्हें बंधक बना लिया।
पुलिस ने समीर दास और जोगेश्वर कमत को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 127, 137 और 61 (अपहरण और जबरन वसूली) के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों से जबरन पैसे वसूले गए और उन्हें बंदी बनाकर रखा गया था। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आगे की जांच चल रही है।