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आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को भी स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सहायता मिलती है
कोलकाता। राज्य सरकार ने प्री-स्कूल शिक्षा और पोषण सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) परियोजना को और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे और सेवाओं में व्यापक सुधार का फैसला किया है।राज्य में वर्तमान में 1 लाख 91 हजार 481 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां लगभग 2 लाख आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत हैं। ये केंद्र बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करते हैं। सरकार का मानना है कि बाल्यावस्था में समुचित देखभाल और शिक्षा भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है, इसलिए प्री-स्कूल गतिविधियों को सुदृढ़ करना आवश्यक है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि हाल ही में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि की गई थी, ताकि उनके कार्य का उचित सम्मान हो सके। अब सरकार इन केंद्रों की संरचना, सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।सरकार ने 50 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास के लिए 2148 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। कुल राशि में से 610 करोड़ रुपये राज्य सरकार स्वयं खर्च करेगी। शेष राशि एडीबी की सहायता से उपलब्ध कराई जाएगी।इस योजना के तहत चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों में भवनों का नवीनीकरण, नए कमरों का निर्माण, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र तथा शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, बच्चों के लिए पोषण कार्यक्रमों को भी और सुदृढ़ किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कई ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता थी। इस परियोजना के माध्यम से उन क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिल सके।
सरकार की योजना के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा के नवीन तरीकों, पोषण प्रबंधन और स्वास्थ्य जागरूकता के बारे में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों के समग्र विकास में मदद मिलेगी।राज्य सरकार का मानना है कि आईसीडीएस परियोजना केवल पोषण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को भी स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सहायता मिलती है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस परियोजना को लेकर उदारवादी और संवेदनशील नीति अपनाई है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर और बेहतर प्रारंभिक शिक्षा मिले, ताकि भविष्य में वे आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बन सकें।