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प्रशासनिक गलियारों में इस तबादले को चुनाव आयोग के क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है
कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने प्रशासनिक मशीनरी में अब तक की सबसे बड़ी सर्जरी की है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग ने एक साथ 47 पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल की जद में कोलकाता पुलिस के जॉइंट सीपी से लेकर जिलों के डीसी और थानों के प्रभारी तक आए हैं।
आयोग के इस कदम को राज्य में कानून-व्यवस्था पर पकड़ मजबूत करने के एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आयोग ने कोलकाता पुलिस के महत्वपूर्ण विभागों में नए चेहरों की तैनाती की है। सोमा दास मित्रा (डीआईजी,सीआईडी) को अब कोलकाता पुलिस का जॉइंट सीपी (क्राइम) बनाया गया है। वहीं, सुदीप सरकार को जॉइंट सीपी (हेडक्वार्टर) और देबस्मिता दास को जॉइंट सीपी (इंटेलिजेंस) जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंटेलिजेंस और क्राइम विभाग में यह बदलाव चुनाव के दौरान सूचना तंत्र और अपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोलकाता के विभिन्न डिवीजनों के डिप्टी कमिश्नर स्तर पर भी व्यापक फेरबदल हुआ है। वी.एस.आर. अनंतनाग को साउथ डिवीजन और प्रदीप कुमार यादव को नॉर्थ डिवीजन की कमान दी गई है।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले भांगर डिवीजन में मनीष जोशी को भेजा गया है, जबकि सैकत घोष अब साउथ-ईस्ट डिवीजन की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशांत चौधरी को ईस्ट डिवीजन का नया डीसी नियुक्त किया गया है। केवल महानगर ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रशासनिक फेरबदल की लहर दिखी है। इंद्रजीत सरकार को चंदननगर और राणा मुखर्जी को सिलीगुड़ी कमिश्नरेट भेजा गया है। सबसे अहम बदलाव जमीनी स्तर पर हुआ है, जहाँ 15 थानों के आईसी और ओसी बदले गए हैं। इनमें नैहाटी थाने के आईसी का तबादला विशेष चर्चा में है, क्योंकि वे हाल ही में विभागीय जांच के दायरे में आए थे।
प्रशासनिक गलियारों में इस तबादले को चुनाव आयोग के क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है। आयोग का उद्देश्य साफ है कि किसी भी अधिकारी को एक ही स्थान पर लंबे समय तक टिकने न दिया जाए ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब राज्य का पूरा पुलिस महकमा सीधे तौर पर चुनावी मोड में आ गया है, जहाँ प्राथमिकता केवल और केवल शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना है।