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लोकसभा चुनाव के बाद नंदीग्राम में सियासी माहौल और गरमा गया है
नंदीग्राम। पूर्व मेदिनीपुर जिले में नंदीग्राम के गोकुलनगर ग्राम पंचायत इलाके में भाजपा नेता अशोक करण, नंदीग्राम ब्लॉक (1) के पंचायत समिति के शिक्षा कर्माध्यक्ष देबाशीष दास सहित भाजपा के तकरीबन 50 नेता और कार्यकर्ता रविवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
नंदीग्राम में बीजेपी में बड़ी फूट और धक्का मिलने की खबर सामने आई है। नंदीग्राम पंचायत समिति के 50 कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बीजेपी छोड़ दी है। तृणमूल ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया है। नंदीग्राम के गोकुलनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र के भाजपा नेता अशोक करण, नंदीग्राम ब्लॉक एक पंचायत समिति के शिक्षा अधिकारी देबाशीष दास और लगभग 50 भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आज भाजपा छोड़ दी।
दावा है कि वे नंदीग्राम में भाजपा की वर्तमान गतिविधियों से नाराज हैं। नंदीग्राम में चार साल से भाजपा की नरम गतिविधियां व नंदीग्राम में दो तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या सहित भ्रष्टाचार की वजह से असंतोष फैला हुआ है। पार्टी छोडऩे वाले नेताओं ने बार-बार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाया कि कोई समाधान नहीं हुआ। इसलिए आज उन्हें पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर भाजपा छोडऩे पर मजबूर होना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी ने पिछला विधानसभा चुनाव नंदीग्राम से भाजपा के टिकट पर जीता था। पिछले चार सालों में नंदीग्राम में कई राजनीतिक विवाद और झड़पें हुई हैं। तृणमूल नेतृत्व भाजपा पर लगातार राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाता रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद नंदीग्राम में सियासी माहौल और गरमा गया है। एक महीने के अंदर दो तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गयी। इन्हीं बातों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया। पार्टी छोडऩे वाले कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गत चार वर्षों में नंदीग्राम में विकास का काम रुका हुआ है। सरकार के साथ मिलकर वे विकास के काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं।