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'जमीन भी गई, घर भी नहीं मिला'
कोलकाता। महानगर में प्रमोटिंग और जमीन धोखाधड़ी का एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अपनी जीवनभर की कमाई लुटा चुके 80 वर्षीय बुजुर्ग प्रवीर मुखोपाध्याय सोमवार को अपनी लाचार पत्नी के साथ न्याय की अंतिम आस लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुंचे। कमजोर शरीर, हाथ में लाठी और आंखों में आंसू लिए हरे रंग का कुर्ता पहने प्रवीर बाबू जब साल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपना दुखड़ा रोया। उनका आरोप है कि जेल में बंद कुख्यात जमीन माफिया जयदेव कामदार और सोना पप्पू के गुर्गों ने धोखाधड़ी कर न सिर्फ उनकी कीमती पैतृक जमीन हड़प ली, बल्कि समझौते के मुताबिक उन्हें फ्लैट देने के बजाय सरेआम धमकियां भी दीं। पुश्तैनी आशियाना गंवाने के बाद यह बुजुर्ग दंपती इस उम्र में किराये के मकान में रहने को मजबूर है।
प्रवीर मुखोपाध्याय ने मुख्यमंत्री को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने एक सुंदर आशियाने की उम्मीद में अपनी पुश्तैनी जमीन प्रमोटिंग के लिए सौंपी थी। समझौते के तहत वहां बनने वाली बहुमंजिला इमारत में उन्हें एक फ्लैट मिलना था। लेकिन साल दर साल बीतने के बाद भी जब उन्हें फ्लैट नहीं मिला और उन्होंने अपने हक की मांग की, तो प्रमोटरों द्वारा उन्हें प्रताडि़त किया जाने लगा। बुजुर्ग का संगीन आरोप है कि जमीन हड़पने के बाद भी आरोपियों ने उन पर 17 लाख रु. अतिरिक्त देने का नाजायज दबाव बनाया। अब जब मुख्य आरोपी जयदेव कामदार और सोना पप्पू सलाखों के पीछे हैं, तो बुजुर्ग दंपती को अपना फ्लैट मिलने की उम्मीद पूरी तरह टूटती दिख रही थी। हालांकि, मुख्यमंत्री से आमने-सामने मुलाकात और मामले में त्वरित हस्तक्षेप के आश्वासन के बाद प्रवीर बाबू ने उम्मीद जताई है कि शायद इस कुशासन के दौर में अब उन्हें न्याय मिलेगा और सिर छुपाने की जगह नसीब हो सकेगी।
सोमवार को शुरू हुए इस जनता दरबार में सिर्फ जमीन घोटाले के पीडि़त ही नहीं, बल्कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण नौकरी गंवा चुके तमाम वंचित युवा भी मुख्यमंत्री से गुहार लगाने पहुंचे थे। नौकरी से वंचित सुमन विश्वास नामक युवक ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार में आम लोगों और बेरोजगारों की कोई सुनवाई नहीं होती थी, जबकि शुभेंदु अधिकारी हमेशा पीडि़तों के साथ खड़े रहे हैं। सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री को सीधे पत्र सौंपने और उनके द्वारा उसे स्वीकार किए जाने से यह साबित हो गया है कि अब आम जनता और सचिवालय के बीच की दूरी खत्म हो गई है। बेरोजगार युवाओं ने राज्य में पूरी पारदर्शिता के साथ नई नियुक्तियां शुरू करने की मांग की।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब से हर सोमवार को जनता दरबार के जरिए सीधे जनता की शिकायतें सुनेंगे, जिसके लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।