Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

बिहार के सारण में जहरीली शराब से 42 नहीं, 77 लोगों की हुई थी मौत : एनएचआरसी

18 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब पीकर मरे 32 लोगों के शव बिना पोस्टमार्टम के जला दिए गए।

24 Mar 2023

बिहार के सारण में जहरीली शराब से 42 नहीं, 77 लोगों की हुई थी मौत : एनएचआरसी

पटना। बिहार के सारण जिले में बीते वर्ष जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा प्रशासन ने छिपाया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है कि सारण में जहरीली शराब से 42 नहीं, 77 लोगों की मौत हुई थी। आयोग की टीम, कांड की जांच के लिए 21, 22 और 23 दिसंबर को आई थी। उसने अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। 18 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब पीकर मरे 32 लोगों के शव बिना पोस्टमार्टम के जला दिए गए।

एनएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मरने वाले लोगों में अधिकतर किसान, मजदूर, ड्राइवर, चाय बेचने वाले, फेरी वाले या बेरोजगार थे। 75 प्रतिशत पिछड़ी जाति से थे। आयोग की जांच टीम को सुरक्षा और सहयोग नहीं मिला। उसने पीड़ितों से बात कर जानकारी जुटाई। आयोग ने पीड़ितों का पुनर्वास नहीं होने की बात कही है।आयोग के मुताबिक, मृतक के परिजनों को 4 लाख मुआवजा देना जिला प्रशासन का काम है। रिपोर्ट में पटना हाई कोर्ट की एक टिप्पणी का हवाला है, जिसमें पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू करने में विफलता की बात है।

एनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि शराबबंदी लागू करने में अफसर और विभाग अपनी तय जिम्मेदारियां मुनासिब तरीके से पूरी नहीं कर पाए और इसकी वजह से इतने बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अधिकांश मृतक, पीड़ित परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके रहने की स्थिति बहुत खराब है।

दूसरी ओर बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग ने मानवाधिकार आयोग की इस बात को नकारा कि सारण शराब कांड में 77 मौतें हुईं हैं। विभाग के अनुसार, 42 लोगों की ही मौत हुई। विभाग ने आयोग की इस बात पर भी आपत्ति दर्ज की कि ‘शराबबंदी पूर्णता में कामयाब नहीं है।’ विभाग ने कहा कि शराबबंदी कानून तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। हालिया सर्वे के अनुसार 1.82 करोड़ लोगों ने शराब पीनी छोड़ दी।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories







Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News