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मामले में कोर्ट ने बाबूलाल मरांडी के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
रांची। झारखंड हाई कोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी मामले में मधुपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देने वाली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की याचिका की सुनवाई सोमवार को हुई। मामले में कोर्ट ने बाबूलाल मरांडी के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
आरोप है कि एक निजी यूट्यूब चैनल ने सोशल मीडिया में झारखंड में बाबूलाल मरांडी की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनके परिवार के खिलाफ दिए गए साक्षात्कार को अपलोड किया था। इसके खिलाफ झामुमो के कार्यकर्ताओं ने राज्य के जिलों के छह थानों रामगढ़, सिमडेगा, लोहरदगा, रांची, मधुपुर, साहिबगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले को मधुपुर थाना में कांड संख्या 176/ 2023 दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से मधुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व रामगढ़ एवं सिमडेगा के मामले में भी उन्हें हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाई थी।