Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

मुख्य न्यायाधीश ने पूछा- आपने पोर्न डाउनलोड क्यों किया? जवाब सुनकर अचरज में पड़ गए जस्टिस चंद्रचूड़

19 Apr 2024

मुख्य न्यायाधीश  ने पूछा- आपने पोर्न डाउनलोड क्यों किया? जवाब सुनकर अचरज में पड़ गए जस्टिस चंद्रचूड़

नई दिल्ली। इसी साल जनवरी में मद्रास हाई कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करना या देखना POCSO अधिनियम और आईटी अधिनियम के तहत अपराध नहीं है। उस फैसले को एनजीओ  'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस' ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला की खंडपीठ आज (शुक्रवार, 19 अप्रैल) इस पर सुनवाई कर रही थी।

इस दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने आरोपी पक्ष से पूछा कि आपकी डिवाइस, में पोर्न कहां से आया? इस पर प्रतिवादी ने जवाब दिया, "संभवत: व्हाटसएप से मिला था। मैंने शायद देखा भी नहीं होगा क्योंकि यह व्हाट्सएप में आया था। फाइल का नाम बदलकर WA कर दिया गया था, जो साबित करता है कि यह व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ था। व्हाट्सएप पर डिफ़ॉल्ट सेटिंग है और 2 साल बाद इसके बारे में पता चला। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मेरे काउंटर में लिखा है कि यह स्वतः डाउनलोड हो गया था।"

इस पर CJI ने अचरज जताते हुए पूछा, "ऑटो डाउनलोड से आपका क्या मतलब है?" इतना ही नहीं, जस्टिस चंद्रचूड़ ने आईटी अधिनियम प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा, "अगर यह आपके इनबॉक्स में आ गया था, तो आपको इसे हटाना चाहिए था।" इस पर प्रतिवादी ने कहा, "लेकिन  क्लिप मेरे पास 14.6.2019 को आई थी; जबकि POCSO की धारा-15 में संशोधन 16.8.19 को हुआ था।"

इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर आपकी डिवाइस में पोर्न आ गया था तो आपने उसे हटाया क्यों नहीं। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, "आईटी एक्ट की धारा-15 में संशोधन के बाद भी अगर आप वीडियो को अपनी डिवाइस में देर तक रखते हैं और हटाते या नष्ट नहीं करते हैं , तो ऐसा कर भी आप कानून का उल्लंघन करना जारी रखते हैं, तो इस तरह से यह एक अपराध है।" हालांकि, सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा, “किसी के द्वारा सिर्फ अपने व्हाट्सएप इनबॉक्स पर पोर्न रिसीव करना कोई अपराध नहीं है।"

सीजेआई ने कहा, बच्चे का पोर्नोग्राफी देखना अपराध नहीं हो सकता है लेकिन पोर्नोग्राफी में बच्चे का इस्तेमाल अपराध हो सकता है। उन्होंने कहा, हमें केवल एक बात पर विचार करना है कि वह (प्रतिवादी) कहते हैं कि यह अनैच्छिक था, फ़ाइल को संशोधित नहीं किया गया था। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, "लेकिन मीलॉर्ड उसने इसे दो साल तक देखा है, यह NETMEG की रिपोर्ट है।"

इसके बाद सीजेआई ने सरकार से सोमवार तक इस मामले में  लिखित जवाब मांगा। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा, “बहस पूरी हो गई, फैसला सुरक्षित रखा गया है।”

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories







Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News