वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आई बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' पर बैन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटीस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
नई दिल्ली। गुजरात दंगों में सीएम रहते (पीएम) नरेंद्र मोदी की भूमिका और देश में मुसलमानों के हालात को लेकर आई बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर बैन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
कोर्ट में आईटी नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत डॉक्यूमेंट्री को बैन किया गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पूछा कि आखिर वे पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं गए? केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री को ‘प्रोपेगेंडा’ करार दिया और इसे यूट्यूब सहित तमाम प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया था।
कोर्ट को याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि आपातकालीन शक्ति का उपयोग करके रोक लगाई गई और रोक का आदेश भी पब्लिक डोमेन में नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने का आदेश दिया था।
इस मामले में पत्रकार एन राम, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, वकील प्रशांत भूषण और एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की। केंद्र के जवाब दाखिल करने के बाद अप्रैल महीने में इस मामले पर अगली सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रतिबंध संबंधी आदेश के मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश भी दिया है। बेंच ने कहा, हम नोटिस जारी कर रहे हैं। जवाबी हलफनामा तीन हफ्ते के भीतर दाखिल किया जाना चाहिए। जवाब उसके दो हफ्ते के बाद दिया जाना चाहिए।