बांदा। जिले में हर्ष फायरिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले महीने मटौंध थाना क्षेत्र में तिलक समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में एक बच्चे की जान चली गई थी। इसी थाना क्षेत्र में शनिवार कि रात बरहौं संस्कार में की गई हर्ष वायरिंग के दौरान एक युवक के सीने में गोली लग गई, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना क्षेत्र के बंशीपुर गांव में शनिवार की रात बरहौं संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था। समारोह में शामिल परिवार और गांव के लोग गाजे बाजे के साथ खुशियां मना रहे थे। तभी समारोह में शामिल इसी गांव के सौरभ सिंह पुत्र श्याम सिंह ने हर्ष फायरिंग की। गोली सीधे बंशीपुर गांव निवासी प्रमोद पाल (20) पुत्र जमुना पाल के सीने में धंस गई,जिससे वह घटनास्थल पर ही गिरकर तड़पने लगा। देखते ही देखते जमीन पर खून फैल गया। इस घटना के बाद खुशी का माहौल मातम में बदल गया। परिवार के लोग खून से लथपथ प्रमोद पाल को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि मटौंध थाना क्षेत्र के बंशीपुर गांव में एक निजी समारोह के दौरान फायरिंग से इसी गांव के एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। इस मामले में फायरिंग करने वाले सौरभ सिंह को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है पोस्टमार्टम के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 11 फरवरी 2024 को मटौंध थाना क्षेत्र से महज 100 मीटर दूर कस्बे में सुरेंद्र सिंह के घर पर बेटे के तिलक समारोह में डीजे पर डांस कर रहे युवकों में से एक ने तमंचे से फायरिंग की। गोली वहां खाना खाने गए धर्मेंद्र शुक्ला के 6 वर्षीय बेटे शंभू के गले में लगी, जिसने दम तोड़ दिया था। इस घटना के एक माह बाद इसी थाना क्षेत्र में दूसरी घटना होने से पुलिस पर सवालिया निशान लगने लगे हैं।