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7 बच्चों ने तोड़ा दम-हेल्पलाइन नंबर जारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एडिनोवायरस का कहर जारी है। कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न अस्तपालों में सात बच्चों की मौत हो गई है। लगातार हो रही बच्चों की मौतों से लोग दहशत में हैं।एडिनोवायरस के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 घंटे पेडिएट्रिक विभाग को खुला रहने और हेल्पलाइन नंबर जारी किये गये हैं।
एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि स्थिति से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि साल के इस मौसम में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियां आम हैं तथा जान गंवाने वाले बच्चे अन्य बीमारियों से भी पीडि़त थे। उन्होंने कहा, पिछले 24 घंटे में कोलकाता में सरकारी अस्पतालों में पांच बच्चों और बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दो बच्चों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि यह पुष्टि होने में समय लगेगा कि ये मौत एडेनोवायरस की वजह से हुई है या नहीं।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस स्थिति पर एक आपात बैठक की है, जिसके बाद सरकर ने कई दिशा निर्देश जारी किए और आपातकालीन हेल्पलाइन – 1800-313444-222 की घोषणा की। बच्चों में एडेनोवायरस आमतौर पर श्वसन और आंत्र नलिका में संक्रमण का कारण बनता है।
चिकित्सकों ने कहा कि 0-2 साल की उम्र के बच्चों को संक्रमण का सर्वाधिक व 2-5 साल की उम्र वाले बच्चे को संक्रमण का अधिक खतरा होता है। 5-10 साल के बच्चों के इसके (संक्रमण के) चपेट में आने की आशंका होती है।उन्होंने कहा कि 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के इस वायरस से संक्रमित होने का कम खतरा होता है। उन्होंने कहा कि सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ज्यादातर मामलों का घर पर ही इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि पांच बच्चों में से दो का कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा था, जबकि तीन अन्य का इलाज डॉ बी सी रॉय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज में चल रहा था।
अधिकारी ने कहा कि सभी पांच बच्चों की मौत निमोनिया के कारण हुई। हम नौ महीने की बच्ची की जांच रिपोर्ट का अभी भी इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह पुष्टि हो सके कि उसकी मौत एडेनोवायरस के कारण हुई या नहीं। मंगलवार को एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि श्वसन संक्रमण के कारण कोलकाता के सरकारी अस्पतालों में दो शिशुओं की मौत हो गई।