भवानीपुर के व्यापारी को मारकर चिनवाया
कोलकाता। रुपयों को लेकर हुए आपसी विवाद में एक व्यवसायी ने अपने ही बिजनेस पार्टनर का पहले अपहरण किया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। यही नहीं व्यवसायी की हत्या कर शव को बोरे में भरकर पानी टंकी के नीचे दबा दिया गया ताकि किसी को उसकी भनक न लगे।
पुलिस ने भवनीपुर के उस व्यवसायी का शव निमता से बरादम कर इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान भव्य लखानी के रूप में हुई हैं। वह भवानीपुर इलाके के शंभूनाथ पंडित स्ट्रीट का रहने वाले है लेकिन उनका बिजनेस बालीगंज में था। घटना की सूचना मिलने के बाद खुद कोलकाता पुलिस के कमिश्नर विनीत गोयल और अतिरिक्त आयुक्त मुरली धर शर्मा आरोपित से पूछताछ करने के लिये बालीगंज थाना पहुँचे। पुलिस ने इस मामले में भव्य के बिजनेस पार्टनर अनिर्बान गुप्ता (38) एवं एक अन्य साथी सुमन दास (38) को गिरफ्तार किया हैं।
सूत्रों के मुताबिक भव्य लखानी ने बिजनेस एसोसिएट आरोपी अनिर्बान गुप्ता को 50 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बाद काफी समय बाद भी उसे पैसे वापस नहीं मिले। इस बीच भव्य स्वाभाविक रूप से पैसे के लिए दबाव बढ़ाता रहा। व्यापारी ने तुरंत पैसे देने को कहा लेकिन वो टाल मटोल करता रहा। इन सबके बीच बताया जा रहा है कि कारोबारी भव्य लखानी को सोमवार सुबह पैसे लौटाने के लिए घर बुलाया गया था। भव्य लखानी तड़के 3 बजे घर से निकले और जब उनकी पत्नी ने उसके बाद से उनसे संपर्क करना चाहा तो किसी अनजान व्यक्ति ने कहा फ़ोन उठा कर कहा कि उनका फ़ोन शौचालय से मिला है। उनकी पत्नी फ़ोन लेने के लिए उस व्यक्ति से मिली और फ़ोन वापस ले लिया। उसी दिन उनकी पत्नी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी।
परिवारवालों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और भव्य के मोबाइल फोन के कॉल लिस्ट के साथ साथ उनका टावर लोकेशन ट्रेस किया तो पता चला कि भव्य के मोबाइल का अंतिम टावर लोकेशन दमदम दिख रहा है। संदेह के आधार पर दोनों को बालीगंज थाने में बुलाया गया था, वहां सख्ती से पूछताछ करने के बाद लापता व्यवसाई भव्य लखानी का शव निमता में बिजनेस पार्टनर के घर की छत पर पानी की टंकी के नीचे बोरी में बंद हालत में दीवार में चिनवाए गये हालत में बरामद किया गया। जिसके बाद ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को बुधवार को अलीपुर कोर्ट में पेश करने पर दोनों को 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया है।
कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने बताया कि पूरे मामले की जांच लालबाजार के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू की। पुलिस को विश्वसनीय स्रोत से सुमन के बारे में पता चला, उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कहा कि उसे अनिर्बान ने फ़ोन कर बुलाया था। जब वह वहाँ पहुँचा तो उसने देखा कि अनिर्बान ने भावया को मार दिया है। जिसके बाद सुमन ने अनिर्बान के साथ मिलकर उसके शव को ठिकाना लगाने में सहायता की। इसके बदले में अनिर्बान ने सुमन को 2 हज़ार रुपये दिए थे और बाकी के पैसे बाद में देने का वादा किया था। सख्ती से पूछताछ करने पर अनिर्बाण टूट गया और उसने भव्य के कत्ल करने का खुलासा किया। अनिर्बाण ने बताया कि हाल ही में भव्य ने उसके साथ मिलकर पार्टनरशीप में बड़ाबाजार के इजऱा स्ट्रीट मार्केट में दवा व्यवसाय शुरू किया। भव्य ने उसे कुछ रुपये दवा लेने के लिए दिया था। उसे दवा नहीं सप्लाई कर पाने के कारण भव्य ने उससे दिये गये रुपये को मांगने के लिए उसपर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। सोमवार सुबह उसने भव्य को अपने घर पर निमता में बकाया रुपए लौटाने के लिए बुलाया। पता चला है कि भव्य लखानी 10 तारीख को अपने बिजनेस सहयोगी निमता निवासी अनिर्बान गुप्ता से मिलने उनके प्रमोद मित्रा लेन स्थित घर गया था। जब दोनों वहां बात कर रहे थे तभी अचानक अनिर्बान ने भव्य पर हमला कर दिया।
बताया गया है कि उनकी हत्या बैट से मारकर की गई है। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को प्लास्टर कर घर की पानी की टंकी के नीचे दबा दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि उनके सर पर काफी चोटे आई है जिसके कारण उनकी मौत हुई है। मौत की पुष्टि करने के लिए अनिर्बान ने पीडि़त के गले मे रस्सी से लपट के गाला घोट दिया।