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तलाशी के साथ-साथ कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई है
कोलकाता। राशन भ्रष्टाचार मामले में ईडी एक बार फिर सक्रिय नजर आ रही है। सोमवार सुबह से ही कोलकाता में कम से कम छह स्थानों पर ईडी ने तलाशी अभियान शुरु किया है। केंद्रीय अधिकारियों ने बनगांव के पूर्व मेयर शंकर आध्या के चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय में भी अभियान चलाया है। ईडी ने कोर्ट में दावा किया था कि शंकर के पास 90 से ज्यादा फॉरेक्स कंपनियां हैं। लेकिन वे सभी कंपनियां शंकर के नाम पर नहीं हैं। अपने रिश्तेदारों और रिश्तेदारों के परिचितों के नाम पर खरीदा गया है। केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि शंकर ने इस संस्था के जरिए विदेश में कम से कम 20 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन किया है।
सॉल्टलेक के सिटको ग्लोबल टॉवर की बारहवीं मंजिल ईडी ने तलाशी अभियान चलाया। राशन भ्रष्टाचार मामले में ईडी अधिकारियों की एक बार फिर तेज कार्रवाई हुई। ईडी के अधिकारियों ने एक साथ चार जगहों पर छापेमारी की। 'मार्कि्वस स्ट्रीटÓ पर शंकर फ्लैट पर छापा मारा गया। मालूम हो कि 5 साल पहले भी शंकर आध्या यहीं रहता था। इस क्षेत्र में विदेशी मुद्रा विनिमय व्यवसाय में शंकर आध्या का नाम था। कोलिन स्ट्रीट स्थित त्रिनयनी फोर एक्स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पर भी छापा मारा गया। शंकर इसी कंपनी से जुड़े हैं।
जासूसों को पता चला है कि इस कंपनी के जरिए भारतीय मुद्रा में नकदी जमा किया गया है। मालूम हो कि ये ऑफिस शंकर आध्या की भाभी तान्या आध्या और बप्पा रॉय का है। लेकिन बप्पा रॉय के साथ शंकर का रिश्ता अभी तक ज्ञात नहीं है। 'मार्कि्वस स्ट्रीटÓ पर ईडी की एक और टीम पहुंची है। वे 'आसिफ़ाÓ नाम के एक गेस्ट हाउस में तलाशी अभियान चलाया गया। शंकर आध्या का एक अन्य कार्यालय चौरंगी में स्थित है। ईडी 'एसआर आध्या फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेडÓ नाम की फर्म में भी पहुंचे। इस कंपनी के डायरेक्टर शंकर और उनकी पत्नी ज्योत्सना आध्या हैं।
सीएएसकेबी चाटर्ड अकाउंट्स कार्यालय आरएस जंक्शन, साल्टलेक सेक्टर पांच में सिटको ग्लोबल टॉवर की बारहवीं मंजिल पर स्थित है। मालूम हो कि ये कंपनी सिर्फ एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की नहीं है। वित्तीय सलाहकार, कर सलाहकार और कंपनी निर्माण सलाहकार का भी काम करती है। कंपनी के मालिकों में से एक सुनील वर्मा और अरविंद सिंह हैं। इस कंपनी की शाखाएं भारत के विभिन्न शहरों में हैं। दिल्ली, रांची बेंगलुरु। इस राज्य की शाखाएँ खडग़पुर, जंगीपुर में हैं। तलाशी के साथ-साथ कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई है।