जांच में ये बात सामने आई है कि इस हमले के पीछे केजीएफ गैंग का हाथ है
कोलकाता। जलपाईगुड़ी के रामकृष्ण मिशन आश्रम पर पिछले दिनों बदमाशों ने हमला कर दिया था। बदमाशों ने बंदूक की नोक पर आश्रम के संतों और अन्य कर्मचारियों को धमकी दी थी। इस मामले में पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गर्मा गई। बंगाल दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में इस घटना की निंदा की थी। अब इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है।
दरअसल, सिलीगुड़ी रामकृष्ण मिशन पर आधी रात को हुए हमले के बाद से पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी केजीएफ गैंग के सदस्य हैं। जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण मिशन पर हमले के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी प्रदीप राय को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच में ये बात सामने आई है कि इस हमले के पीछे केजीएफ गैंग का हाथ है। यह गिरोह जमीनों पर कब्जा करवाने का काम करता है। यह गिरोह किसी भी अपराध के लिए लोगों को उपलब्ध कराता है। साथ ही पैसे लेकर भी काम करता है। केजीएफ जमीन हड़पने से लेकर लोगों को सजा देने के लिए मशहूर है। इस गिरोह का एक रेट कार्ड भी है। रेट के हिसाब से पैसा देने के बाद काम गिरोह के लोग काम पर लग जाते हैं। गैंग के लोग सिलीगुड़ी के बाहुबलियों को जमीनों पर कब्जा करने के लिए मदद करते हैं। यह गिरोह शुरुआत में छोटी-मोटी वारदातें करता था, लेकिन फिर ये लोग भूमि अधिग्रहण के कारोबार में शामिल हो गए। आपको बता दें की आश्रम में घुसे बदमाशों ने संतों पर हमला किया था। उनके साथ मारपीट की गई और संतों को आश्रम से बाहर निकाल दिया। इसके साथ ही बदमाश आश्रम के पांच संतों और सुरक्षा गार्डों को किडनैप करके ले गए। बदमाशों ने उन्हें न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से सटे इलाके में छोड़ दिया।