वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
कालियागंज थाने में लगाई आग, फूंके गये वाहन
कोलकाता। कालियागंज में पिछले हफ्ते नाबालिग के साथ रेप और मर्डर को लेकर लोगों में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मंगलवार को कालियागंज थाने में आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने पुलिस बैरिकेड्स तोडऩे की कोशिश की और पत्थर भी फेंके। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पिछले हफ्ते नहर से एक किशोरी का शव मिला था जिसके साथ रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया गया। कथित तौर पर आदिवासी और राजबंग्शी समुदायों से संबंधित लोगों ने मामले में पुलिस की कथित निष्क्रियता के विरोध में मंगलवार दोपहर को थाने का घेराव किया।
एक अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ दिए और थाने पर पथराव किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया लेकिन भीड़ को थाने में घुसने और आग लगाने से नहीं रोक सके। एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। कालियागंज की नहर में 21 अप्रैल को 17 वर्षीय किशोरी का शव मिला था। किशोरी से बलात्कार और हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने टायर जलाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया था और कई दुकानों में आग लगा दी थी।
राज्य में पंचायत चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच मामले को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई। टीएमसी ने बीजेपी पर मामले का 'राजनीतिकरण करनेÓ और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश का आरोप लगाया। वहीं, बीजेपी ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की और किशोरी के परिवार को कानूनी सहायता देने का वादा किया। खबर लिखे जाने तक स्थिति नियंत्रण से बाहर है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी रास्ते में टायर चलाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस रबर बुलेट के इस्तेमाल कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण से बाहर है।कालियागंज के बायरा कालीबाड़ी इलाके को जनता ने लगभग दखल में ले लिया है। छात्रा की हत्या के खिलाफ आदिवासी और कामतापुरी संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। आदिवासी और कामतापुरी संगठनों ने थाना घेराव का अभियान किया था। उसी दौरान यह हिंसक घटनाएं घटी। पुलिस पर ईट और बोतल की बारिश करते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बंदूक छीन ली और थाने में आग लगा दी। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पहले लाठीचार्ज किया। फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट चार्ज कर स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश कर रही है। उत्तेजित प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का उग्र विरोध जारी है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को नियंत्रण करने के लिए हर कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण के बाहर प्रतीत हो रहा है। पूरा कालियागंज रणक्षेत्र में बदल गया है।