अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीज कैंसर से पीडि़त है इसलिए इस अस्पताल में इलाज संभव नहीं है।
हावड़ा। हावड़ा के एक बेसरकारी अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी इलाज नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार की प्रकल्प स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के कारण कल रात से आपातकालीन कक्ष में ही छोड़ दिया गया। मरीज के परिवार ने शिकायत की है कि वे मुहं मांगा भुगतान नहीं कर पाएंगे इसीलिए अस्पताल स्वास्थ्य कार्ड पर इलाज करने से आनाकानी कर रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीज कैंसर से पीडि़त है इसलिए इस अस्पताल में इलाज संभव नहीं है।
पहले पैसे लेकर एडमिट करने की सलाह दिया फिर डॉक्टर स्वास्थ्य साथी कार्ड सुनकर 180 डिग्री घूम गया। हावड़ा गोलाबाड़ी इलाके के एक निजी अस्पताल पर मरणासन्न मरीज को बिना इलाज के छोड़ देने का आरोप लगा है। , हालांकि अस्पताल थाने के सामने है, लेकिन मरीज के परिजन परेशानी में हैं। ऐसा सुनते ही ताज़ा टीवी की टीम ने उस बच्ची के इलाज़ हेतु पहल किया।
इस पहल के मद्देनजर स्थानीय विधायक गौतम चौधरी के प्रयास से 22 वर्षीय रिमझिम सोनकर का इलाज राज्य सरकार की प्रकल्प स्वास्थ्य साथी कार्ड से संभव हुआ। रिमझिम के परिवार वालों ने ताज़ा टीवी को धन्यवाद दिया।