Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

काकू को हाई कोर्ट से राहत नहीं, आवाज के नमूने की जांच रहेगी जारी

इसके बाद जस्टिस सौमेन सेन ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जस्टिस अमृता सिन्हा ने सुजयकृष्ण भद्र की आवाज के नमूने इकट्ठा करने का आदेश देकर सही काम नहीं किया।

10 Jan 2024

काकू को हाई कोर्ट से राहत नहीं, आवाज के नमूने की जांच रहेगी जारी

कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ के बाद सुजयकृष्ण भद्र को खंडपीठ से भी राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति सौमेन सेन की खंडपीठ ने न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की आवाज के नमूने एकत्र करने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया। वॉयस सैंपल की आगे की प्रक्रिया पर अंतिम फैसला जस्टिस तीर्थंकर घोष लेंगे।

सुजयकृष्ण भद्र ने न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ में याचिका दायर की थी।

बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सौमेन सेन ने कहा कि कानून के मुताबिक हर आरोपित के कुछ अधिकार हैं। कानून के मुताबिक वह यह सैंपल देने से इनकार कर सकता है। इसके बाद ईडी ने पूछा, "हम जांच कैसे खत्म करेंगे?" पूरा राज्य हमारे खिलाफ है। हर पोस्ट पर जांच को रोका जा रहा है। हमारे जांच अधिकारियों को पीटा जा रहा है। एफआईआर दर्ज की जा रही है। जस्टिस अमृता सिन्हा के आदेश में क्या गलत है? उन्होंने आदेश में लिखा है कि जस्टिस तीर्थंकर घोष के आदेश के बिना वॉयस सैंपल को ट्रायल में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

इसके बाद जस्टिस सौमेन सेन ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जस्टिस अमृता सिन्हा ने सुजयकृष्ण भद्र की आवाज के नमूने इकट्ठा करने का आदेश देकर सही काम नहीं किया। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा का आदेश गलत है क्योंकि इसी विषय पर एक मामला न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ में लंबित है।

यह न्यायिक बुनियादी ढांचे और न्यायिक आचरण नियमों का उचित उदाहरण नहीं है। यह एक गंभीर प्रवृत्ति है। अगर ईडी ने जस्टिस तीर्थंकर घोष के निर्देश के बारे में जस्टिस अमृता सिन्हा को जानकारी नहीं दी तो उन्होंने गलत किया है। जब मामला एक पीठ में लंबित है तो दूसरी पीठ उस आदेश को लागू करने का आदेश क्यों देगी? ईडी को जस्टिस तीर्थंकर घोष से संपर्क करना चाहिए था। 

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories







Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News