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नियमानुसार इस बार के लोकसभा चुनाव का प्रचार गुरुवार शाम छह बजे समाप्त हो गया
कोलकाता। तीन माह पहले शुरू हुआ चुनाव प्रचार का सिलसिला आखिरकार गुरूवार को समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को 12 किलोमीटर की पदयात्रा कर एक साथ जादवपुर और कोलकाता साउथ लोकसभा के लिए जनता से वोटों की अपील की। इस दौरान इस पदयात्रा में उनके साथ कृष्णानगर तृणमूल उम्मीदवार महुआ मोइत्रा, जादवपुर उम्मीदवार सायानी घोष, राज्य मंत्री अरूप विश्वास, रासबिहारी विधायक और दक्षिण कलकत्ता तृणमूल जिला अध्यक्ष देवाशीष कुमार भी शामिल थे। करीब तीन घंटे तक 12 किलोमीटर चलने के बाद ममता गोपालनगर में आकर लोकसभा चुनाव प्रचार खत्म किया। पूरे चुनावी मौसम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुल 108 रैली और जनसभाएं की।
इस दौरान मुख्यमंत्री दो बार चोटिल भी हुई लेकिन उन्होंने प्रचार का जिम्मा अपने कंधे पर संभाले रखा। सीएम ने चुनावी घोषणा के पहले दिन से अंतिम दिन तक प्रचार का कमान खुद संभाला। गुरूवार को प्रचार के अंतिम दिन सुकांत सेतु पर ममता बनर्जी ने कहा, मैं जादवपुर को नहीं भूल सकती। आप हर बार की तरह इस बार भी तृणमूल कांग्रेस को वोट देंगे। इस बार बीजेपी सत्ता में नहीं आ रही है। उन्होंने कहा बीजेपी ने राशन देने का वादा नहीं किया है। 100 दिन के काम का अब तक पैसा नहीं मिला है। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार शाम को कन्याकुमारी में ध्यान करने वाले हैं। उस पर भी ममता ने व्यंग्य किया।
उन्होंने कहा कि आप ध्यान करते हैं, अपने साथ कैमरा क्यों ले जाते हैं? सब दिखावा कर रही है भाजपा। देशभर में सातवें और आखिरी दौर का मतदान शनिवार को होगा। नियमानुसार इस बार के लोकसभा चुनाव का प्रचार गुरुवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। दक्षिण बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर शनिवार को मतदान होना है। इसमें जादवपुर और कोलकाता साउथ भी शामिल हैं। गुरुवार को ममता ने इस केंद्र में पैदल जनसंपर्क किया। मुख्यमंत्री के भाषण के लिए जादवपुर लोकसभा क्षेत्र के सुकांत सेतु पर एक मंच बनाया गया था हालांकि उन्होंने वहां से जनता को संबोधित नहीं किया।