अर्पिता के फ्लैट से करोड़ों मिलने पर कहा, पता लगाइये
कोलकाता, 24 अप्रैल। शिक्षक भर्ती घोटाला में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी सहित सात आरोपियों की जमानत याचिका कोर्ट ने फिर से खारिज कर दी। उन सभी को सात मई तक जेल हिरासत का आदेश दिया है। एसएससी घोटाले की जांच के दौरान पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से करोड़ों रुपये बरामद किए गए। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों की बरामदगी को लेकर लगातार सवाल बना हुआ है। सोमवार को कोर्ट से निकलने के बाद पत्रकारों ने पार्थ चटर्जी से यही सवाल किया, तो उन्होंने कहा, 'पता लगाएंÓ। पार्थ चट्टोपाध्याय को सोमवार को अलीपुर कोर्ट पेश किया था। उनके वकील ने अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए फिर से जेल हिरासत का आदेश दिया। सुनवाई के बाद बाहर कोर्ट रूप से निकलते समय पार्थ चटर्जी पत्रकारों से घिरे हुए थे। वे एक के बाद एक सवाल पूछने लगे। सबसे पहले जब उनसे अभिषेक बनर्जी के कार्यक्रम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बधाई दी। बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने दो महीने का जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। बता दें कि भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप के बाद टीएमसी ने पार्थ चटर्जी को उनके पद से हटा दिया था। बाद में जब उनसे भर्ती में भ्रष्टाचार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं अब भी कह रहा हूं कि मंत्री की कोई भूमिका नहीं है। प्रत्येक बोर्ड का अपना कानूनी और अधिनियम होता है। मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती है। नियोक्ता भी मंत्री नहीं है। मेरी नौकरी देने में कोई भूमिका नहीं होती थी।Ó उस वक्त पत्रकारों ने पूछा कि अर्पिता मुखर्जी के घर कितने पैसे आए? हालांकि पहले तो चुप रहे, पूर्व मंत्री कार में चढ़े और कहा, 'पता लगाएंÓ। बता दें कि ईडी ने शिक्षा भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप में पिछले साल 22 जुलाई को दक्षिण कोलकाता के नाकतला में पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा था और गिरफ्तार किया था। उस वक्त पूर्व मंत्री की करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी केंद्रीय जांचकर्ताओं द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था। अर्पिता मुखर्जी के घर कैसे आया पैसा? पार्थ चटर्जी ने तीन शब्दों में इस सवाल का जवाब दिया। राज्य में शिक्षा भर्ती भ्रष्टाचार जांच में अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों की नकदी बरामद होने से हड़कंप मच गया था और अभी भी विरोधी दल इसे लेकर तृणमूल पर निशाना साधती है।