इस मामले में चार दिन बाद विश्वविद्यालय पहुंचीं रजिस्ट्रार ने सीधे तौर पर विश्वविद्यालय के अंदर अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलता की बात स्वीकार करने के बजाय परोक्ष तौर पर राज्यपाल पर हमला बोलना शुरू कर दिया।
कोलकाता। यादवपुर मामले में यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार स्नेह मंजू बसु और डीन ऑफ स्टूडेंट्स रजत रॉय को लालबाजार बुलाया गया था। पुलिस के बुलावे पर वे पूछताछ के लिये लालबाजार पहुँची जहाँ करीब 3 घंटे तक उनसे पूछताछ की गयी। यादवपुर यूनिवर्सिटी में हुए छात्र के मौत के बाद मामला दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। इस मामले के पीछे पुलिस लगातार छात्रों और यूनिवर्सिटी अथॉरिटी से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए डीन ऑफ स्टूडेंट्स, रजिस्ट्रार और जेयूटीए के पार्था प्रतीम रॉय को लालबाजार में बुलाया गया था पर डीन ऑफ स्टूडेंट लालबाजार नहीं पहुँच पाए। कुछ छात्रों द्वारा उनका घेराव कर लिया गया था। रजिस्ट्रार के साथ जॉइंट रजिस्ट्रार संजय गोपाल सरकार भी लालबाजार पहुँचे। उनसे करीबन 2- 3 घंटों तक पूछताछ चली।
पुलिस ने कई अहम सवाल जैसे होस्टल एक्सेस कंट्रोल, एडमिनिस्ट्रेशन की भूमिका, रूम अलॉटमेंट, सीसीटीवी, एन्टी रैगिंग कमिटी का कार्य आदि जैसे सवाल रजिस्ट्रार के सामने रखे जिसमें से कुछ सावलो के ज़वाब देने में वह विफल रही। हालांकि कई छात्रों के बयान भी सामने आए जिस में पता चला है कि सीनियर के द्वारा नए आये स्टुडेंट्स का इंट्रो चल रहा था। इंट्रो करीबन रात 10 बजे शुरू हुआ। मृतक छात्र स्वप्नदीप को अलग- अलग कमरों में ले जाया गया। करीबन 11 बजे स्वप्नदीप को कमरे नंबर 104 में ले जाया गया जहाँ चि_ी भी लिखी गई थी। दीपशेखर नामक एक छात्र स्वीकार करते है कि चि_ी उन्होंने ही लिखी थी। छात्र ने बताया कि स्वप्नदीप के कहने पर उन्होंने यह चि_ी लिखी थी सिर्फ सिग्नेचर स्वप्नदीप ने की थी। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट द्वारा सिग्नेचर की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार 11 बजकर 15 मिनट पर स्वप्नदीप को नग्न अवस्था में करवा कर इंट्रो करवाया जा रहा था। जिसके बाद ही स्वप्नदीप ने दो मंजिला होस्टल इमारत से छलांग लगा दी थी। गिरफ्तार हुए सभी छात्रों को 28 तारीख तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मीडिया के समक्ष मंजूश्री ने कहा कि घटना की कार्रवाई अभी भी चल रही है। उन्होंने कहा कि कुलपति की अनुपस्थिति में कई फैसले वहीं लेती हैं। लेकिन सारे फैसले लेने का अधिकार उनका नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसी साल मार्च महीने में जादवपुर विश्वविद्यालय में कुलपति के पद से सुरंजन दास ने इस्तीफा दे दिया था। कुलाधिपति राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस के पास उन्होंने अपना इस्तीफा भेजा था। इसके बाद राज्यपाल ने उनकी जगह विश्वविद्यालय के ही इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अमिताभ दत्त को अस्थायी कुलपति नियुक्त किया था, लेकिन उन्होंने भी चार अगस्त को इस्तीफा दे दिया। अब वहां एक छात्र की रैगिंग की वजह से दर्दनाक मौत हुई है। इस मामले में चार दिन बाद विश्वविद्यालय पहुंचीं रजिस्ट्रार ने सीधे तौर पर विश्वविद्यालय के अंदर अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलता की बात स्वीकार करने के बजाय परोक्ष तौर पर राज्यपाल पर हमला बोलना शुरू कर दिया।