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यह प्रस्ताव हाल ही में हुए पेपर लीक और देश भर में अयोग्य उम्मीदवारों को शामिल करने के लिए रिश्वतखोरी के मामलों के बाद आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 जून को इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके हंगामेदार होने की उम्मीद है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस सत्र के दौरान सदन में दो विशेष प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। पहला प्रस्ताव राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को रद्द करने और राज्यों द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षाओं की पुरानी प्रणाली को बहाल करने की मांग पर केंद्रित होगा।
यह प्रस्ताव हाल ही में हुए पेपर लीक और देश भर में अयोग्य उम्मीदवारों को शामिल करने के लिए रिश्वतखोरी के मामलों के बाद आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 जून को इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था।
तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, दूसरा प्रस्ताव तीन नए आपराधिक कानूनों के "जल्दबाजी में लागू करने" के खिलाफ होगा। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर भी पिछले महीने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। दूसरी ओर, भाजपा हाल ही में हुए चुनाव के बाद हिंसा और राज्य में कंगारू कोर्ट के हमलों पर चर्चा के लिए एक प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है। हालांकि सत्र 22 जुलाई से शुरू होगा, लेकिन पहले दिन यह संक्षिप्त होगा और श्रद्धांजलि के बाद दिन के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार मानसून सत्र 10 दिनों का होने की उम्मीद है। उपचुनाव में नव निर्वाचित चार विधायक -बागदा से मधुपर्णा ठाकुर, नदिया के रानाघाट-दक्षिण से डॉ. मुकुट मणि अधिकारी, उत्तर दिनाजपुर के रायगंज से कृष्णा कल्याणी और कोलकाता के मानिकतला से सुप्ति पांडे - भी मानसून सत्र के दौरान शपथ लेने की उम्मीद है।