वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
हावड़ा। बेलूर के व्यस्त मातोवाला चौराहे पर बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के समय एक भयावह हादसा होते-होते बचा। भारी वाहनों की धक्का-मुक्की और भीषण जाम के बीच संतुलन बिगडऩे से एक बाइक सवार पिता अपनी दो स्कूली छात्राओं के साथ सड़क किनारे बने गहरे और खुले हाई ड्रेन (नाले) में जा गिरे। इस घटना के बाद इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय निवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी की जान नहीं गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर का समय होने के कारण क्षेत्र के स्कूलों में छुट्टी हुई थी और सड़कों पर छात्रों व अभिभावकों की भारी भीड़ थी। इसी दौरान नियमों को ताक पर रखकर 10 से 16 पहियों वाली भारी लोरियां (ट्रक) भी उसी संकरे रास्ते से गुजर रही थीं। भीड़ और भारी वाहनों के बीच रास्ता बनाने की कोशिश में बाइक सवार का संतुलन बिगड़ गया और वह अपनी दोनों बेटियों समेत सीधे गहरे नाले में समा गया। घटना को देख आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को कीचड़ और मलबे से भरे नाले से बाहर निकाला। हालांकि तीनों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन वे इस हादसे के बाद गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने बेलूर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन की पोल खोल दी है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मातोवाला चौराहे के पास कई बड़े स्कूल हैं, फिर भी प्रशासन छुट्टी के संवेदनशील समय में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने में विफल रहा है। लोगों का कहना है कि स्कूल के समय पुलिस की तैनाती न के बराबर होती है, जिसके कारण बेलगाम ट्रक चालकों के बीच स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं। अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्कूल की छुट्टी के समय भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और चौराहे पर नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।