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सरकारी खर्च पर सोमनाथ धाम जाएंगे 1100 श्रद्धालु
कोलकाता। गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले वर्षव्यापी राष्ट्रीय कार्यक्रम 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्वÓ में पश्चिम बंगाल की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। सरकार पूरी तरह से अपने खर्च पर राज्य के सभी जिलों से कुल 1100 तीर्थयात्रियों को सोमनाथ मंदिर की विशेष यात्रा पर भेजेगी। आगामी 12 सितंबर को होने वाली इस विशेष तीर्थयात्रा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य के सूचना एवं संस्कृति सचिव सौमित्र मोहन ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को विस्तृत और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि सोमनाथ मंदिर पर वर्ष 1026 में हुए पहले विदेशी आक्रमण और उसके बाद के संघर्षों के बावजूद यह पावन स्थल हमेशा भारत की अटूट आस्था का केंद्र बना रहा। इसी ऐतिहासिक चेतना के एक हजार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक एक वर्ष के लिए 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 इयर्स ऑफ अनब्रोकन एंड इंडोमिटेबल फेथÓ नामक राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन कर रही है। देश की इसी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से बंगाल के लोगों को जोडऩे के लिए राज्य सरकार ने इस बड़ी योजना को धरातल पर उतारा है।
इस भव्य यात्रा का हिस्सा बनने के लिए राज्य सरकार ने आवेदन और चयन की एक पारदर्शी प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी है। इसके तहत आगामी 19 जुलाई से राज्य के सभी प्रमुख समाचार पत्रों में आधिकारिक विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे, जिसके बाद इच्छुक व पात्र नागरिक 20 जुलाई से 30 जुलाई के बीच अपने-अपने जिलों के जिला सूचना एवं संस्कृति अधिकारी (डीआईसीओ) कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म जमा कर सकेंगे। कोलकाता के स्थानीय निवासियों के लिए कोलकाता नगर निगम कार्यालय में आवेदन जमा करने की व्यवस्था की गई है।
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखने के लिए जिला स्तर पर स्थानीय विधायकों और मंत्रियों के परामर्श से ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए आवेदकों की शारीरिक क्षमता की भी जांच होगी। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि बुजुर्ग दंपतियों को एक साथ यात्रा का मौका मिले, जबकि अकेले आवेदन करने वालों को एक सहयोगी साथ ले जाने की अनुमति होगी।
आबादी के लिहाज से सभी जिलों के लिए कोटा तय किया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा 123 तीर्थयात्री उत्तर 24 परगना से और 116 श्रद्धालु दक्षिण 24 परगना से चुने जाएंगे। सभी जिलों को 7 अगस्त तक अपनी अंतिम सूची राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि समय रहते सभी प्रशासनिक इंतजाम पूरे किए जा सकें।