48 घंटे बाद भी मरम्मत न होने से दहशत
कोलकाता। महानगर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार पार्क सर्कस के साथ माथा मोड़ के पास सड़क के बीचों-बीच अचानक हुए बड़े धंसाव ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। शुक्रवार को आए भूकंप के झटकों के दौरान सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे वहां एक गहरा गड्ढा बन गया है। हैरानी की बात यह है कि इस घटना को दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को जब भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, उसी दौरान सड़क का यह हिस्सा अचानक नीचे धंस गया। व्यस्त सड़क होने के कारण शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य गड्ढा है, लेकिन गहराई और आकार को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से यह होल हुआ है, जो भविष्य में और भी बड़ा रूप ले सकता है। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह इलाका 24 घंटे वाहनों की आवाजाही से भरा रहता है। रात के अंधेरे में कोई भी दुपहिया वाहन चालक या पैदल यात्री इस गड्ढे का शिकार हो सकता है। दो दिन हो गए, लेकिन अभी तक न तो घेराबंदी की गई है और न ही भराई का काम शुरू हुआ है। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश जताते हुए कहा। सड़क के बीचों-बीच गड्ढा होने के कारण पार्क सर्कस 7-पॉइंट के पास यातायात की गति धीमी हो गई है। वाहनों को इस गड्ढे से बचाने के चक्कर में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
विशेषकर एम्बुलेंस और स्कूल बसों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। राहगीरों और वाहन चालकों ने मांग की है कि कोलकाता नगर निगम और संबंधित विभाग युद्धस्तर पर इस सड़क की मरम्मत करे ताकि जान-माल का नुकसान न हो। फिलहाल, स्थानीय लोगों ने अपनी ओर से चेतावनी के लिए गड्ढे के पास कुछ पत्थर या लकड़ी के टुकड़े रख दिए हैं, लेकिन यह सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है। इस व्यस्त मार्ग पर जल्द से जल्द कंक्रीट की भराई और सड़क के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है।