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भाजपा नेताओं का दावा है कि आपदाओं के समय आम जनता के लिए भेजी गई इस सरकारी मदद को क्लब परिसर में डंप करके रखा गया था
कोलकाता। पूर्व तृणमूल नेताओं और उनसे जुड़े रसूखदार परिसरों से भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री बरामद होने के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि असहाय और जरूरतमंद जनता के हक की सामग्री को बांटने के बजाय जानबूझकर गोदामों में छिपाकर रखा गया था। इस सनसनीखेज बरामदगी के तहत विख्यात श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के खेल मैदान स्थित एक गुप्त कमरे से कंबलों, साडिय़ों, तिरपालों और दक्षिण दमदम नगर निगम की आधिकारिक मुहर लगी प्लास्टिक की सैकड़ों बाल्टियों का जखीरा मिला है। भाजपा नेताओं का दावा है कि आपदाओं के समय आम जनता के लिए भेजी गई इस सरकारी मदद को क्लब परिसर में डंप करके रखा गया था।
इस विवाद की आंच तब और तेज हो गई जब बागुईआटी स्थित राजारहाट-गोपालपुर की पूर्व तृणमूल विधायक अदिति मुंशी के बंद पड़े पार्टी कार्यालय से भी इसी तरह की राहत सामग्री बरामद होने का दावा किया गया। घटना की भनक लगते ही वर्तमान भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी खुद भारी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि जब कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, तो वहां भारी संख्या में तिरपाल, साडिय़ां, छाते और चुनाव से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए।
भाजपा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता को संकट के समय तड़पने के लिए छोड़कर इस सामग्री का इस्तेमाल राजनीतिक और संगठनात्मक लाभ के लिए वोट बैंक मजबूत करने में किया जा रहा था। पार्टी ने इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि यह साफ हो सके कि सरकारी खजाने से खरीदी गई यह सामग्री किसी निजी क्लब या विधायक के दफ्तर में कैसे सड़ रही थी। दूसरी तरफ, इस बड़े खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी राजनीतिक तनाव व्याप्त है, लेकिन तृणमूल की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।