अब सबकी नजर इस पर है कि क्या शोभन चट्टोपाध्याय औपचारिक तौर पर तृणमूल में वापसी करेंगे, और अगर हां, तो 2026 चुनाव में उनकी क्या भूमिका होगी
कोलकाता। उत्तर बंगाल इन दिनों प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक हलचल दोनों कारण सुर्खियों में है। इसी बीच राज्य की सियासत में बड़ा मोड़ लाने वाले संकेत मिल रहे हैं। बुधवार को दार्जिलिंग में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चट्टोपाध्याय की करीब दो घंटे लंबी मुलाकात ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है। शोभन चट्टोपाध्याय एक समय तृणमूल में ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हुए और लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। अब अचानक ही ममता से मुलाकात ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शोभन फिर से तृणमूल में लौटने की तैयारी कर रहे हैं? सूत्र बताते हैं कि बैठक बेहद अहम रही। हालांकि ममता या शोभन, किसी ने भी इस बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में कयास लगने शुरू हो गए हैं कि 2026 के चुनाव से पहले तृणमूल अपनी खोई जमीन मजबूत करने के लिए पुराने चेहरों को फिर से साथ लाना चाहती है।
यह पहला संकेत नहीं है। इससे पहले 25 सितंबर को शोभन ने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से भी मुलाकात की थी। उस बैठक को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं। सियासी घटनाक्रम के बीच शोभन की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। हाल ही में अलिपुर नगर एवं दायरा अदालत ने उनकी पत्नी रत्ना चट्टोपाध्याय से तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया है। यह मामला 2017 से चल रहा था। साथ ही अदालत ने रत्ना की ओर से शोभन के साथ रहने की याचिका को भी खारिज कर दिया है। शोभन चट्टोपाध्याय लंबे समय तक कोलकाता नगर निगम के मेयर रहे हैं। उनके पास शहरी मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता है। लोकसभा चुनाव 2024 में बंगाल में भाजपा को उम्मीद से कम सफलता मिली थी। तृणमूल मान रही है कि भाजपा की कमजोर होती पकड़ का फायदा उठाने के लिए पुराने नेताओं की वापसी जरूरी है। ममता चाहती हैं कि चुनाव से पहले पार्टी में कोई भी बड़ा चेहरा विपक्ष के पाले में न रहे। ममता और शोभन की बैठक ने बंगाल की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि तृणमूल पुराने चेहरों पर भरोसा करके जनता को भ्रमित कर रही है, वहीं तृणमूल सूत्र इसे संगठन मजबूत करने की रणनीति बता रहे हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या शोभन चट्टोपाध्याय औपचारिक तौर पर तृणमूल में वापसी करेंगे, और अगर हां, तो 2026 चुनाव में उनकी क्या भूमिका होगी।