'वोट खत्म होते ही 2000 रुपए का होगा गैस सिलेंडर'
कोलकाता। बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है और इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। झाडग़्राम के बिनपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भविष्य की डरावनी आर्थिक तस्वीर पेश की।
उन्होंने दावा किया कि जैसे ही राज्य में चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होगी, केंद्र सरकार रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि करेगी और एक सिलेंडर की कीमत 2000 रुपये तक पहुँच सकती है। पडि़हाटी प्रगति संघ हाईस्कूल मैदान में आयोजित इस जनसभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि भाजपा सरकार केवल चुनाव तक कीमतों को नियंत्रित रखने का ढोंग कर रही है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर मध्य पूर्व के संघर्षों का हवाला देते हुए आगाह किया कि इसका बहाना बनाकर चुनाव बाद पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में भारी आग लगाई जाएगी, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
अभिषेक ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की नीति वोट लो और दाम बढ़ाओ की रही है। अभिषेक बनर्जी ने जनता से अपील की कि इस बार का मतदान धर्म या नारों के नाम पर नहीं, बल्कि काम और दाम के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने केंद्र पर संविधान बदलने की कोशिश करने का गंभीर आरोप दोहराते हुए कहा कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए भाजपा को परास्त करना अनिवार्य है।
उन्होंने राज्य सरकार की लक्ष्मी भंडार और युव साथी जैसी योजनाओं की तुलना केंद्र की महंगाई वाली राजनीति से की। उन्होंने कहा कि एक तरफ ममता बनर्जी की सरकार लोगों के हाथों में सीधे पैसे पहुँचा रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार गैस और ईंधन के दाम बढ़ाकर वह पैसा वापस छीन रही है। तृणमूल उम्मीदवार बिरबाहा हांसदा के पक्ष में प्रचार करते हुए अभिषेक ने उन्हें मिट्टी की बेटी (भूमिपुत्री) करार दिया। उन्होंने स्थानीय भावनाओं को सहलाते हुए भाजपा उम्मीदवार पर बाहरी होने का ठप्पा लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी का घर हावड़ा में है, जिनका बिनपुर की समस्याओं और यहाँ की मिट्टी से कोई सीधा जुड़ाव नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के अपने कार्यकर्ता भी इस बाहरी उम्मीदवार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में अभिषेक ने भाजपा नेताओं की तुलना प्रवासी पक्षियों से की, जो केवल चुनाव के समय बंगाल की गलियों में नजर आते हैं और नतीजे आते ही दिल्ली पलायन कर जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट के समय केवल तृणमूल के कार्यकर्ता ही लोगों के साथ खड़े रहते हैं। बिनपुर की इस सभा ने स्पष्ट कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस इस चुनाव को आम आदमी की रसोई बनाम केंद्र की नीतियां के नैरेटिव पर लडऩे जा रही है।
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