पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
मेरे मामा हैं उन्हें जिताना मेरी जिम्मेदारी
कोलकाता। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में एक नए दल - जनता उन्नयन पार्टी का उदय हुआ है। इस दल के संस्थापक हैं हुमायूं कबीर। ये वही हैं जिन्होंने इसी साल बाबरी विध्वंस के दिन नए बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी और पहले तृणमूल कांग्रेस पार्टी में थे। पार्टी के गठन के साथ ही वह विवादों में घिर गए हैं। जनता उन्नयन पार्टी ने बालीगंज विधानसभा सीट से निशा चटर्जी को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, इस घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही पार्टी ने उम्मीदवार बदलने का ऐलान किया। पार्टी अब बालीगंज सीट से रिटायर्ड पुलिस अधिकारी अबू हसन को मैदान में उतारी है। जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक और प्रमुख हुमायूं कबीर ने भी इस पूरे मामले पर मीडिया से बातचीत की है।
उन्होंने बताया कि निशा चटर्जी की सोशल मीडिया पर मौजूदगी पार्टी के छवि के अनुरूप नहीं थी। पार्टी एक छवि के साथ आगे बढऩा चाहती है और उम्मीदवारों की सार्वजनिक छवि उसमें अहम भूमिका निभाती है। हुमायूं कबीर ने अबू हसन के साथ अपने रिश्तों को लेकर भी खुलकर बात रखी। हुमायूं ने बताया कि अबू उनके मामा नहीं हैं, बल्कि मां के कजिन हैं। कबीर ने यह भी कहा कि अबू के बच्चों को कुछ चीजों पर आपत्तियां थी, जिन्हें वह दूर करेंगे और उनकी जीत पक्की करना हमारी जिम्मेदारी है। पार्टी द्वारा उम्मीदवार चुने जाने के बाद अबू हसन ने बताया कि उनका कभी भी राजनीति में आने का मन नहीं था। क्योंकि वह अपना पूरा जीवन पुलिस सेव में दिया। अबू ने बताया कि कबीर ने उन्हें राजनीति में आने का आग्रह किया। अबू हसन मूल रूप से राजनगर के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से कोलकाता के बेकबागान इलाके में रह रहे हैं।
बता दें कि हुमायूं कबीर को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने इसी महीने चार तारीख़ को पार्टी से निकाला था। इसके बाद उन्होंने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था और अब सोमवार को हुमायूं ने नई पार्टी का गठन कर लिया है और साथ ही साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान भी कर रहे हैं। पार्टी अभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। वहीं दो सीट पर तो हुमायूं कबीर ही लड़ रहे हैं। पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर लडऩे की योजना बना रही है।