Please wait
एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic

तिलजला अग्निकांड के बाद अब बड़ा बाजार पर नजर!

जर्जर और घनी इमारतों को लेकर बढ़ी चिंता, कोलकाता में बड़े अभियान के संकेत 

18 May 2026

तिलजला अग्निकांड के बाद अब बड़ा बाजार पर नजर!

कोलकाता। तिलजला इलाके में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड और उसके बाद नगर निगम द्वारा शुरू की गई बुलडोजर कार्रवाई ने अब शहर के सबसे पुराने, व्यस्त और एशिया के सबसे बड़े कारोबारी केंद्रों में से एक बड़ा बाजार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। प्रशासनिक और नागरिक हलकों में यह चर्चा बेहद तेज हो गई है कि क्या कोलकाता नगर निगम का अगला निशाना बड़ाबाजार की खतरनाक, जर्जर और नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इमारतें होने वाली हैं।
दरअसल, तिलजला-तोपसिया इलाके में एक अवैध बहुमंजिला इमारत के भीतर चल रहे चमड़े के कारखाने में आग लगने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के तुरंत बाद एक्शन मोड में आए कोलकाता नगर निगम ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा और आक्रामक अभियान छेड़ दिया। इसके तहत कई इमारतों को असुरक्षित व खतरनाक घोषित कर उन्हें ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई, साथ ही कई अवैध परिसरों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के सख्त निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
नगर निगम के एक आंतरिक और गोपनीय आकलन के मुताबिक, कोलकाता के कई क्षेत्रों को अवैध व नियमविरुद्ध निर्माण के मामले में रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इस सूची में तिलजला-तोपसिया के साथ-साथ गार्डनरीच-मेटियाब्रुज, राजाबाजार और बड़ा बाजार-चितपुर जैसे घने इलाके मुख्य रूप से शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर के कुल छह प्रशासनिक बरो के अंतर्गत आने वाली करीब 3,000 इमारतें फिलहाल प्रशासन की रडार और कड़ी निगरानी सूची में हैं।
शहरी विकास विशेषज्ञों और नगर निगम के आला अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी सूची में बड़ा बाजार की स्थिति सबसे ज्यादा विस्फोटक और संवेदनशील है। यहाँ की बेहद संकरी और चक्रव्यूह जैसी गलियां, सौ साल से भी अधिक पुरानी जर्जर इमारतें, अवैध रूप से चल रहे गोदाम, अग्नि सुरक्षा  मानकों की सरेआम अनदेखी और अत्यधिक जनसंख्या घनत्व किसी भी समय एक बहुत बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। बड़ा बाजार की अधिकांश इमारतों का स्वरूप ऐसा है जहां भूतल पर केमिकल, प्लास्टिक या कपड़ों के अवैध गोदाम हैं और उनके ठीक ऊपर लोग सपरिवार रहते हैं। ऐसे में यदि कोई बड़ा अग्निकांड या भवन ढहने की घटना होती है, तो संकरी गलियों के कारण दमकल और बचाव दल का वहां पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाता है। 
तिलजला की घटना से सबक लेते हुए प्रशासन अब उन रिहायशी इलाकों की विस्तृत सूची तैयार कर रहा है, जहां आवासीय परिसरों के भीतर अवैध रूप से फैक्ट्रियां, कारखाने और ज्वलनशील पदार्थों के गोदाम संचालित हो रहे हैं। नगर निगम के सूत्रों ने स्वीकार किया कि इससे पहले कई बार स्थानीय विरोध, राजनीतिक रसूख और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण ऐसी खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई नहीं हो पाती थी या उसे बीच में ही रोकना पड़ता था। हाल के वर्षों में कोलकाता ने आनंदपुर गोदाम अग्निकांड, गार्डनरीच में निर्माणाधीन इमारत का गिरना और बड़ा बाजार के एक होटल में लगी आग जैसी कई त्रासदियां झेली हैं, जिन्होंने बार-बार नागरिक सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। लेकिन इस बार तिलजला हादसे के बाद राज्य सरकार और नगर निगम दोनों का रुख पूरी तरह बदला हुआ और बेहद सख्त नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी दिनों में प्रशासन न केवल अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों पर बुलडोजर चलाएगा, बल्कि उन व्यावसायिक गतिविधियों का लाइसेंस भी रद्द करेगा जो आवासीय नियमों का उल्लंघन कर चलाई जा रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो बड़ा बाजार जैसे दशकों पुराने इलाके में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


तिलजला अग्निकांड के बाद अब बड़ा बाजार पर नजर!
जर्जर और घनी इमारतों को लेकर बढ़ी चिंता, कोलकाता में बड़े अभियान के संकेत 





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News