खिलाडिय़ों के निवाले पर डाका, स्टेट गेम्स के बजट में भारी हेरफेर
कोलकाता। टॉलीवुड में सिंडिकेट राज और जबरन वसूली के आरोपों में सलाखों के पीछे पहुंचे स्वरूप विश्वास की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मनोरंजन जगत के बाद अब राज्य के खेल गलियारों से भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक नया और बेहद संगीन मामला सामने आया है। आरोप है कि पिछले वर्ष पश्चिम बंगाल राज्य खेल (स्टेट गेम्स) के आयोजन के दौरान करोड़ों रुपये के सरकारी बजट की जमकर बंदरबांट की गई और राज्य का नाम रोशन करने वाले एथलीटों को बदहाल और अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर किया गया।
पूर्व कद्दावर मंत्री अरूप विश्वास के भाई स्वरूप विश्वास पिछले साल इस आयोजन के चेयरमैन थे। मालदा में हुई इस प्रतियोगिता के दौरान खिलाडिय़ों को भेड़-बकरियों की तरह एक स्थानीय स्कूल के छोटे कमरों में ठूस दिया गया था। यही नहीं, उच्च प्रोटीनयुक्त डाइट की जगह खिलाडिय़ों को सिर्फ उबला चावल और पतली सब्जी दी गई। दिन में चार बार मिलने वाले भोजन को घटाकर केवल दो बार कर दिया गया, जिससे कई एथलीट बीमार भी पड़ गए। उत्तर 24 परगना जिला खेल संघ के सचिव नवाब भट्टाचार्य ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि खिलाडिय़ों की जर्सी और स्पोर्ट्स किट की खरीद में भारी वित्तीय हेरफेर हुआ है। जब खेल अधिकारियों ने इस बदइंतजामी पर आवाज उठानी चाही, तो स्वरूप और उनके गुर्गों ने करियर बर्बाद करने की धमकी देकर उन्हें चुप करा दिया। खेल हस्ती जहर दास ने भी इस आयोजन को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि भारी बजट के बावजूद खेल संगठन को उल्टा 7.5 लाख रुपये के अतिरिक्त कर्ज के बोझ तले दबा दिया गया।
इस महाघोटाले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने साफ कहा कि खिलाडिय़ों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
खेल मंत्री ने सभी बैंक खातों और खर्चों का तत्काल फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्देश जारी कर दिया है। यदि जांच में गबन का एक भी सबूत मिला, तो दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। फिलहाल ये आरोप प्राथमिक रिपोर्टों पर आधारित हैं और अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।