राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ
फ्लैट से 70 करोड़ बरामद, नेपाल कनेक्शन और 'डबल मनी' गैंग का पर्दाफाश
कोलकाता। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। उत्तर 24 परगना के बेलघरिया इलाके में एक पॉश अपार्टमेंट पर की गई छापेमारी में पुलिस ने 70 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए हैं। नेपाल पुलिस और बंगाल पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन ने न केवल एक अंतरराष्ट्रीय जाली नोट तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, बल्कि चुनाव से ठीक पहले भारी मात्रा में अवैध धन खपाने की एक बड़ी साजिश को भी नाकाम कर दिया है।
कमरहाटी नगरपालिका के अंतर्गत आने वाले एक फ्लैट में रविवार को जब पुलिस की टीम दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। फ्लैट के भीतर रखे भारी-भरकम लोहे के बक्सों में ठूंस-ठूंस कर जाली नोट भरे गए थे। इस मामले में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल दंपती दीपा धर और अरिंदम समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। दीपा इसी इलाके की रहने वाली है, जबकि उसका पति अरिंदम दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर का निवासी है। पुलिस ने मौके से जाली नोटों के अलावा 12 स्मार्टफोन और एक महंगी लक्जरी कार भी जब्त की है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के तार सीधे नेपाल से जुड़े हैं। गिरफ्तार सात आरोपियों में एक नेपाली नागरिक भी शामिल है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दीपा और अरिंदम ने साल 2024 में नेपाल की यात्रा की थी, जिसके बाद से ही वे इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य बन गए थे। आशंका जताई जा रही है कि जाली नोटों की यह खेप सीमा पार से तस्करी कर कोलकाता लाई गई थी। गिरोह के काम करने का तरीका भी बेहद शातिर था। ये लोग बड़े कारोबारियों और निवेशकों को वीडियो कॉल के जरिए नोटों की गड्डियां दिखाकर झांसे में लेते थे। उन्हें लालच दिया जाता था कि उनका निवेश कुछ ही समय में दोगुना कर दिया जाएगा। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंता चुनाव को लेकर है।
अधिकारियों का मानना है कि 70 करोड़ रु. की इतनी बड़ी खेप का इस्तेमाल मतदान से ठीक पहले वोटरों को प्रभावित करने, अवैध लेनदेन करने या राज्य में काले धन के प्रवाह को बढ़ाने के लिए किया जाना था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस फ्लैट से ये नोट बरामद हुए, वहां अक्सर देर रात तक महंगी पार्टियां चलती थीं और रसूखदार लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पड़ोसियों को पहले से ही कुछ संदिग्ध होने का आभास था, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी की उम्मीद किसी को नहीं थी। फिलहाल, एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की आर्थिक सुरक्षा और चुनाव की शुचिता से जुड़ा मामला है। पुलिस अब उन 'सफेदपोश' चेहरों की तलाश कर रही है, जो इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पीछे से संरक्षण दे रहे थे।