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आफत में फंसने पर कैसे संपर्क करेंगे लोग, सवालों के घेरे में कमिश्नरेट
कोलकाता। डायल किया गया नंबर गलत है, कृपा सही नंबर डायल करें! बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले 15 पुलिस थानों में से 14 में मोबाइल नंबर पर संपर्क करने में ऐसी ही दिक्कत आ रही है! हर बार फोन के दूसरी तरफ से एक ही टोन आ रही है - नंबर गलत है। सबसे मुश्किल स्थिति बिधाननगर के महिला थाने की है। कमिश्नरेट की वेबसाइट पर संपर्क के लिए कोई लैंडलाइन नंबर नहीं दिया गया है। सिफऱ् एक मोबाइल नंबर है, और वह भी 'गलतÓ! यानी, अगर आप सड़क दुर्घटना की स्थिति में पुलिस को कॉल करते हैं, तो महिला थाने से फोन पर संपर्क करना संभव नहीं है। कॉल करने का कोई फायदा नहीं है। दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना से राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। इस विवाद के बीच, पुलिस ने दावा किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। लेकिन कोलकाता के उपनगर बिधाननगर में मोबाइल फोन पर पुलिस से संपर्क करना संभव नहीं है। अगर दुर्गापुर जैसी कोई घटना घटती है, तो क्या पीडि़ता पुलिस से तुरंत संपर्क कर पाएगी? कोलकाता के बाहरी इलाके में बसे इस नियोजित उपनगर में शाम के बाद सड़कें कुछ हद तक शांत हो जाती हैं। कई बार नशेडिय़ों को अलग-अलग इलाकों या कुछ पार्कों में इक_ा होते देखा जा सकता है। हालाँकि, कोलकाता पुलिस की तरह, बिधाननगर में भी एक अलग पुलिस कमिश्नरेट है। दरअसल, बिधाननगर अब एक अलग निगम है। यह स्पष्ट है कि बिधाननगर में कई वर्तमान और पूर्व सरकारी अधिकारी रहते हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों के वर्तमान और पूर्व न्यायाधीश भी वहाँ रहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु अपनी मृत्यु तक बिधाननगर में रहीं। राज्य के कई पूर्व और वर्तमान मंत्री तथा विभिन्न दलों के शीर्ष राजनेता आज भी वहीं रहते हैं। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की आधिकारिक वेबसाइट पर कुल 15 पुलिस थानों के नाम, संपर्क नंबर (ज़्यादातर ज़मीन और मोबाइल नंबर) और ईमेल आईडी सूचीबद्ध हैं। ज़रूरत पडऩे पर कोई भी व्यक्ति संबंधित पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की जानकारी ले सकता है।
ज़्यादातर मामलों में पुलिस थानों के ज़मीन नंबर काम करते हैं। हालाँकि, इस मामले में अपवाद बागुईआटी पुलिस थाना है। उस पुलिस थाने का लैंड लाइन नंबर नहीं मिल रहा है! फ़ोन करने पर कहा जाता है, नंबर अभी पंजीकृत नहीं है। इसके अलावा, एनएससीबीआई एयरपोर्ट पुलिस थाने का कोई ज़मीन नंबर नहीं है। यानी, महिला थाने के अलावा, बागुईआटी और एनएससीबीआई एयरपोर्ट पुलिस थानों से फ़ोन पर संपर्क करने का कोई ज़रिया नहीं है! खतरे में फंसी महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर के तौर पर एक लैंडलाइन नंबर है। वह भी काम नहीं करता। पुलिस से संपर्क करने के लिए या तो खुद थाने जाना पड़ता है या ईमेल भेजना पड़ता है। कोलकाता के बाहरी इलाके में कई कॉलेजों और कार्यालयों का पता बिधाननगर है। कई कार्यालय रात तक खुले रहते हैं। महिला कर्मचारियों को रात में घर लौटना पड़ता है। अगर दुर्गापुर जैसी कोई घटना घटती है, तो क्या संबंधित पीडि़ता तुरंत बिधाननगर पुलिस से संपर्क कर पाएगी? क्या पुलिस सहायता उपलब्ध होगी? मोबाइल काम नहीं कर रहा है। क्या पुलिस लैंडलाइन नंबर लेने के लिए फोन पर होगी? पिछले शनिवार और सोमवार का अनुभव ऐसे ही सवाल खड़े करता है।