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उन्होंने चेतावनी दी कि आनंदपुर जैसी त्रासदी दोबारा नहीं होनी चाहिए और भांगड़ की घटना को तुरंत रोका जाना चाहिए
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट कर दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ की मौजूदा स्थिति को लेकर राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भांगड़ इलाके में एक बड़े सार्वजनिक तालाब को अवैध रूप से भरने का काम रात के अंधेरे में किया जा रहा है और इसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस समर्थित भूमि माफियाओं की भूमिका है।
अपने पोस्ट में शुभेंदु अधिकारी ने लिखा कि भांगड़ के बिजयगंज बाजार के प्रवेश द्वार पर स्थित यह तालाब कोई साधारण जलाशय नहीं है, बल्कि यह भूमि आधिकारिक रूप से अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आती है। इसके बावजूद, मिट्टी से लदे डंपर और जेसीबी मशीनें बेखौफ होकर तालाब को पाटने का काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरी तरह से आंख मूंदे हुए है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना की तुलना हाल ही में आनंदपुर में हुई घटना से की, जहां जलाशयों को अवैध रूप से भरकर बिना किसी अनुमति के गोदाम बनाए गए थे। उनके अनुसार, उसी अवैध निर्माण के कारण वहां भीषण आग लगी, जिसमें कई गरीब मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई कि भांगड़ में भी इसी तरह अवैध निर्माण, बिना निगरानी के गतिविधियां और प्रशासनिक लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई दुर्घटना होती है—जैसे इमारत गिरना, आग लगना या जलभराव—तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
अपने बयान में शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर “माफिया राज” चलाने का आरोप लगाया और कहा कि पर्यावरण, जलस्रोतों और आम जनता की सुरक्षा को निजी लाभ और राजनीतिक संरक्षण के लिए दांव पर लगाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आनंदपुर जैसी त्रासदी दोबारा नहीं होनी चाहिए और भांगड़ की घटना को तुरंत रोका जाना चाहिए।
शुभेंदु के इस पोस्ट को लेकर खबर लिखे जाने तक प्रशासन या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।