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अनुपम खेर के गंजे सिर पर दोबारा बाल भी उग सकते हैं, लेकिन तृणमूल की बंगाल की सत्ता में वापसी अब नामुमकिन है
कोलकाता। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों कोलकाता के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से एक विशेष मुलाकात की है। गुरुवार शाम कोलकाता पहुंचते ही अनुपम खेर ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और बंगाल की कला व संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अनुपम खेर ने एक बड़ा एलान किया कि वे बंगाल में एक विश्वस्तरीय एक्टिंग स्कूल खोलना चाहते हैं, और इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर मुख्यमंत्री के साथ उनकी बेहद सकारात्मक व सार्थक बातचीत हुई है।
अभिनेता ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी राज्य में जो सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं, वह वाकई एक बेहद सराहनीय पहल है और बंगाल में विकास की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। उन्होंने बताया कि वह पूरे 26 साल बाद एक बार फिर बंगाली सिनेमा में वापसी करने जा रहे हैं और अपनी नई बंगाली फिल्म 'शुरू ते शुरू' की आधिकारिक घोषणा कर चुके हैं। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 26 साल पहले उन्होंने प्रख्यात निर्देशक ऋतपर्णो घोष की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म 'बारीवाली' में अभिनय किया था, और इस नई पारी के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। इस दौरान राजनीतिक गलियारों से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और मजाकिया वाकया भी सामने आया। इसी कार्यक्रम के दौरान मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य से जब एक पत्रकार ने तृणमूल की राजनीतिक वापसी की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिर के ऊपर का आकाश और पैरों के नीचे की ज़मीन भले ही एक हो जाए, या आसमान समंदर में विलीन हो जाए, यहाँ तक कि अनुपम खेर के गंजे सिर पर दोबारा बाल भी उग सकते हैं, लेकिन तृणमूल की बंगाल की सत्ता में वापसी अब नामुमकिन है।
शामिक भट्टाचार्य के इस अनोखे और तीखे बयान पर बगल में खड़े अनुपम खेर भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने बेहद मजाकिया लहजे में पलटकर जवाब दिया कि क्या आप वाकई यह देखना चाहते हैं कि मेरे सिर पर बाल उग आए हैं?
अभिनेता के इस हाजिरजवाबी और मजाकिया अंदाज को सुनकर वहां मौजूद सभी लोग और पत्रकार ठहाके मारकर हंस पड़े। अनुपम खेर ने अंत में भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन और अभिनय की बहुत सी बारीकियां इसी बंगाल की धरती से सीखी हैं, इसलिए वह नए युग के बदलते नजरिए के साथ यहां सिनेमा और कला के क्षेत्र में कुछ बड़ा और स्थायी योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।