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मेसी इवेंट विवाद में पुलिस पूछताछ के बाद भड़का अधिवक्ताओं का गुस्सा, टिकट का पैसा लौटाने की मांग
कोलकाता। लियोनेल मेसी के कोलकाता कार्यक्रम से जुड़े टिकट घोटाले और अव्यवस्था के आरोपों में घिरे पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को बिधाननगर साउथ थाने में हुई मैराथन पूछताछ के बाद शाम को अलीपुर जज कोर्ट परिसर में उनके खिलाफ जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ। कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता गोपाल हल्दार के चैंबर में कानूनी सलाह लेने पहुंचे अरूप को कुछ प्रदर्शनकारी वकीलों ने चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारी हाथ में अंडे लेकर मेसी कार्यक्रम के टिकटों का पैसा वापस करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पूर्व मंत्री को खुद को बचाने के लिए चैंबर का दरवाजा अंदर से बंद करना पड़ा और काफी देर तक वह अंधेरे में ही बंधक जैसे हालात में फंसे रहे।
इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई, जब अरूप विश्वास करीब 10 बजे बिधाननगर दक्षिण थाने पहुंचे थे, जहां जांच टीम ने लगभग तीन घंटे तक उनसे सघन पूछताछ की और इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। थाने से छूटने के बाद पूर्व मंत्री मीडिया को छकाते हुए करीब दो घंटे तक कोलकाता की सड़कों पर चक्कर काटते रहे और आखिरकार अलीपुर कोर्ट पहुंचे। उनके कोर्ट परिसर में होने की भनक लगते ही वकीलों का एक धड़ा आक्रोशित हो उठा। हालांकि, वहां मौजूद वकीलों के एक दूसरे समूह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की कि कोर्ट परिसर में किसी भी व्यक्ति को कानूनी सलाह लेने का अधिकार है और इस तरह का व्यवधान गलत है, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए। बढ़ते हंगामे के बीच आखिरकार शाम करीब 6.15 बजे कोलकाता पुलिस की भारी टीम मौके पर पहुंची और अरूप विश्वास को सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला, जिस दौरान कुछ लोगों ने उन पर अंडे भी फेंके।
यह पूरा विवाद पिछले वर्ष 13 दिसंबर को अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान युवभारती क्रीड़ांगन में हुई भारी अव्यवस्था से जुड़ा है। आरोप था कि वीआईपी रसूख के कारण अनधिकृत लोगों की भारी भीड़ मेसी के बेहद करीब पहुंच गई थी, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से मेसी को निर्धारित समय से पहले ही कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा था। इस वैश्विक स्तर की किरकिरी के बाद अरूप विश्वास को अपने खेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हाल ही में कार्यक्रम के आयोजक शताद्रू दत्ता ने अरूप विश्वास पर अपने पद का दुरुपयोग कर हजारों टिकट ऐंठने और उनकी कालाबाजारी करने का संगीन आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है, जिसमें पुलिस उन्हें पहले भी तीन बार समन जारी कर चुकी थी।
फिलहाल, अरूप विश्वास को कलकत्ता उच्च न्यायालय से थोड़ी राहत जरूर मिली है, जहां अदालत ने कुछ शर्तों के साथ आगामी 2 जुलाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा रखी है। हालांकि, शिकायतकर्ता और आयोजक शताद्रू दत्ता ने पूर्व मंत्री को मिली इस अंतरिम राहत को तत्काल चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटा दिया है। कोर्ट से लेकर सड़क और अब कानूनी चैंबरों तक पहुंचे इस तीखे विरोध ने यह साफ कर दिया है कि मेसी कार्यक्रम से जुड़ा यह विवाद आने वाले दिनों में पूर्व मंत्री की राजनीतिक और कानूनी राह को बेहद पथरीली बनाने वाला है।