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विधानसभा चुनाव 2026 : सभी मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने के पक्ष में भाजपा राज्य इकाई

इस सत्र में पार्टी के सभी केंद्रीय पर्यवेक्षक शामिल होंगे और संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन किया जाएगा

31 Jul 2025

विधानसभा चुनाव 2026 : सभी मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने के पक्ष में भाजपा राज्य इकाई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने सभी मौजूदा विधायकों को दोबारा उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि, अंतिम निर्णय पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा।
फिलहाल 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के पास 66 विधायक हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन उपचुनावों में हार और कुछ विधायकों के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के चलते यह संख्या घटकर 66 रह गई है।
राज्य समिति के एक सदस्य के अनुसार, पार्टी का मानना है कि मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देकर उन्हें अन्य सांगठनिक जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए, ताकि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारों के मौसम, विशेष रूप से सितंबर के अंत से शुरू हो रहे दुर्गा पूजा के अवसर को जनसंपर्क बढ़ाने के लिए उपयुक्त समय माना जा रहा है।
राज्य समिति सदस्य ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही पुनः-प्रत्याशी बनाए जाने के इस प्रस्ताव पर निर्णय लेगा, ताकि विधायक जनसंपर्क अभियानों में जुट सकें।"
अगर केंद्रीय नेतृत्व सभी मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने के प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो वर्तमान राज्य समिति में शामिल दो ऐसे महासचिव, जो विधायक भी हैं, उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाएगा। इसी तरह, अगर अन्य तीन महासचिवों में से किसी को भी उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उन्हें भी संगठन के काम से अलग किया जाएगा।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, इस संबंध में स्थिति कुछ हद तक शुक्रवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय संगठनात्मक सत्र के अंत तक स्पष्ट हो सकती है। इस सत्र में पार्टी के सभी केंद्रीय पर्यवेक्षक शामिल होंगे और संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन किया जाएगा। एक वरिष्ठ नेता ने नाम उजागर नहीं करने के शर्त पर कहा कि विधानसभा चुनाव 2026 में अभी समय है, लेकिन भाजपा पहले से ही रणनीति स्पष्ट कर रही है ताकि संगठन और उम्मीदवार दोनों चुनावी तैयारी में कोई ढील न दें।

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