फूलबागान-गिरीश पार्क रूट पर बढ़ा किराया, यात्रियों पर दोहरी मार
कोलकाता। महानगर में एलपीजी ऑटो गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम आदमी की सवारी ऑटो पर दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में गैस की दरों में आए भारी उछाल के बाद शहर के कई प्रमुख रूटों पर ऑटो चालकों ने अपनी मर्जी से किराया बढ़ा दिया है। फूलबागान से गिरीश पार्क रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब से 2 से 3 रुपये अतिरिक्त ढीले करने पड़ रहे हैं। हालांकि, परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन चालकों ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए नई दरें लागू कर दी हैं।
नए अनौपचारिक रेट चार्ट के मुताबिक, फूलबागान से मानिकतला तक का सफर, जिसके लिए पहले 15 रुपये चुकाने पड़ते थे, अब 17 रुपये का हो गया है। इसी तरह, गिरीश पार्क तक जाने के लिए यात्रियों को 20 रुपये के बजाय 23 रुपये देने पड़ रहे हैं। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने दफ्तर जाने वाले मध्यम वर्ग और छात्रों के बजट को बिगाड़ दिया है। जहाँ कुछ यात्री इसे ईंधन की महंगाई के बीच चालकों की मजबूरी मान रहे हैं, वहीं अधिकांश लोग इसे प्रशासन की विफलता करार दे रहे हैं। कोलकाता में एलपीजी ऑटो गैस की कीमतों में हालिया बदलाव ने सबको चौंका दिया है। 20 मार्च से लागू हुई नई दरों के अनुसार, गैस की कीमत में एकमुश्त 8 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे अब यह 70 रुपये 68 पैसे प्रति लीटर के स्तर पर पहुँच गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले कीमत 62 रुपये 68 पैसे थी। पिछले कुछ ही समय के भीतर कुल मिलाकर 13 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ऑटो परिवहन क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका है। ऑटो चालकों का दर्द सिर्फ बढ़ती कीमतों तक सीमित नहीं है। चालकों का कहना है कि गैस भरवाने के लिए पंपों पर घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। इससे न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि प्रतिदिन की कमाई (फेरों की संख्या) में भी भारी गिरावट आई है। एक तरफ गैस महंगी हो गई और दूसरी तरफ घंटों इंतजार करना पड़ता है, ऐसे में पुराना किराया लेना हमारे लिए संभव नहीं है, एक स्थानीय ऑटो चालक ने अपनी व्यथा सुनाई। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण ईंधन की कीमतों में यह दबाव बना हुआ है। रसोई गैस से लेकर सार्वजनिक परिवहन के ईंधन तक, महंगाई का यह चक्र मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को कम कर रहा है। यदि आने वाले दिनों में कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो कोलकाता के अन्य रूटों पर भी किराए में बढ़ोतरी की आग फैल सकती है, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।