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पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि यह पैसा धीरे-धीरे महिला के खाते से निकालकर विभिन्न निजी बैंकों में ट्रांसफर किया गया है
कोलकाता। विधाननगर इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। महिला को एक बैंक कर्मचारी पर भरोसा करना भारी पड़ गया। विधाननगर साइबर क्राइम शाखा की पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में सूरज रजक नामक आरोपी बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है। जीसी ब्लॉक की निवासी एक बुजुर्ग महिला ने बीते 11 नवंबर को विधाननगर साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से 90 लाख रुपये गायब हो गए हैं।
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि यह पैसा धीरे-धीरे महिला के खाते से निकालकर विभिन्न निजी बैंकों में ट्रांसफर किया गया है। पूछताछ में पीडि़त महिला ने पुलिस को बताया कि उनका खाता एक निजी बैंक में था। एक दिन जब वह बैंक में पैसे निकालने गई थीं, तब उनकी मुलाकात सूरज रजक से हुई। सूरज ने खुद को दूसरे बैंक का मैनेजर बताया और महिला का फोन नंबर ले लिया। इसके बाद वह महिला को लगातार फोन करता रहा और उनके घर भी आने लगा। चूंकि महिला के बेटे-बेटियां विदेश में रहते हैं, सूरज ने इसका फायदा उठाकर धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया। विश्वास जीतने के बाद, सूरज ने महिला को प्रस्ताव दिया कि वह उनका खाता अपने बैंक में स्थानांतरित करवा दे। महिला ने सूरज पर भरोसा करते हुए अपने बैंक खाते की सभी गोपनीय जानकारी उसे दे दी। इसके बाद सूरज ने महिला का खाता अपने बैंक में ट्रांसफर करवा लिया। खाता ट्रांसफर होते ही, सूरज रजक ने धीरे-धीरे महिला के खाते से 90 लाख रुपये निकाल लिए।
जांच अधिकारियों के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सूरज रजक ने धोखाधड़ी से निकाले गए पैसों का इस्तेमाल अपने लिए एक विशाल और महंगी लग्जरी कार खरीदने में किया था। पुलिस ने कल रात कैनाल सर्कुलर रोड के निवासी आरोपी सूरज रजक को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से लग्जरी कार भी बरामद हुई है, जिसे साइबर क्राइम शाखा की पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने आज आरोपी को विधाननगर कोर्ट में पेश किया और उससे गहन पूछताछ के लिए दस दिन की रिमांड (हिरासत) की मांग की है।